Jayalalitaनयी दिल्ली 15 अप्रैल. आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की अपील की सुनवाई में देरी हो सकती है, क्योंकि विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) के रूप में श्री भवानी सिंह की नियुक्ति की वैधता पर उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों की राय विपरीत रही और इसे वृहत्तर पीठ को आज सौंपना पड़ा. न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति आर भानुमति की खंडपीठ ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता के. अनबझगन की याचिका पर अलग-अलग फैसले दिये. श्री अनबझगन ने श्री भवानी सिंह की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए उन्हें हटाने का अनुरोध न्यायालय से किया था.