छात्रों के दो गुटों में हुआ था विवाद

नवभारत न्यूज भोपाल,

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय छात्रावास मेें पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. इसके चलते तीन छात्र घायल हुये हैं, जिन्हें इलाज के लिये जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया है. मामला चुनावी रंजिश के चलते एबीव्हीपी और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों के बीच विवाद से जुड़ा है.

मामला शुक्रवार को शाम को 6 बजे के करीब का है. जब मुंशी प्रेमचंद हॉस्टल और जवाहर हॉस्टल के दो छात्रों में आपसी विवाद ने बड़ा रूप ले लिया और जवाहर हॉस्टल में पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

लाठीचार्ज में चार छात्रों को गंभीर चोटे आईं हैं. छात्रसंघ चुनावों के बाद से ही विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों में आपसी मतभेद, लड़ाईयों का रूप ले रहे हैं. बीयू परिसर में तीन महीनों में यह तीसरी हिंसक झड़प है, जिसमें छात्र चोटिल हुये हैं.

अक्टूबर के बाद यह दूसरा मौका है, जब शैक्षणिक परिसर में पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. दरअसल चुनाव के बाद से यहां दो नये गुट पनप गये हैं. एक गुट एबीवीपी समर्थित छात्रों का है. वहीं दूसरा गुट एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का है.

मुंशी प्रेमचंद हॉस्टल और जवाहर हॉस्टल में गैंगवार सीरीखी संस्कृति पैदा हो रही है. जवाहर हॉस्टल के छात्र जितेंद्र गुर्जर, हितेश चौरसिया और हेमंत मांदरे को गंभीर चोटें आईं हैं, जिन्हें नजदीकी 1250 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है.

कुलपति की बिना अनुमति कैसे हुआ लाठीचार्ज

विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति की बिना अनुमति पुलिस प्रवेश नहीं कर सकती है. छात्रों के आपसी विवाद पर हॉस्टल में प्रवेश कर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया है. जब जवाहर हॉस्टल के वार्डन और चीफ वार्डन से पुलिस की कार्यवाही के विषय में पूछा गया तो हॉस्टल के वार्डन सुनील कुमार ने हामी भरते हुये कुलपति की अनुमति के बिना कार्यवाही को गलत माना.

वहीं उन्होंने कहा कि हमने बच्चों से लिखित में मांगा है कि आइंदा पुलिस यहां आपसी विवादों में हस्तक्षेप न करे. ऐसा आवेदन संस्थान में उच्च अधिकारी को देंगे. वहीं बीयू के चीफ वार्डन अरङ्क्षवद चौहान ने लाठीचार्ज होना उनके संज्ञान में नहीं है. उन्होंने कहा कि जब वह हॉस्टल में सिक्यूरिटी ऑफीसर के साथ पहुंचे तब पुलिस हॉस्टल के बाहर खड़ी थी.

घटना पर पुलिस ने संज्ञान लिया जबकि वहां सिक्योरिटी ऑफीसर पहले से तैनात हैं. कुलपति की अनुमति के बिना पुलिस संस्थान में कार्यवाही नहीं कर सकती, जब चीफ वार्डन को ही पुलिस पहुंचने के बाद घटना की जानकारी मिली थी.

फिर लाठीचार्ज की कार्यवाही प्रयोगहीन थी. वहीं एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि दो छात्रों के बीच हुये विवाद में पुलिस का छात्रों को इकट्ठा कर लाठियों से पीटना गलत है. इस पर कार्यवाही होनी चाहिये. विषय की गंभीरता पर जब कुलपति प्रमोद वर्मा को फोन किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

मुझे 6 बजे घटना की सूचना मिली कि बीयू आईटी के छात्र आपस में झगड़ बैठे. मैं जब पहुंचा तो पुलिस पूर्व में ही आई हुई थी. घटना में चोटिल छात्र को हॉस्पिटल पहुंचाया गया है.
-अरविंद चौहान, चीफ वार्डन बीयू

मुंशी प्रेमचंद हॉस्टल और जवाहर हॉस्टल के दो छात्रों में आपसी झड़प हुई थी. पुलिस ने हॉस्टल में लाठीचार्ज किया है. मुंशी प्रेमचंद हॉस्टल के छात्र ने पुलिस को सूचना दी थी. घटना में 4 बच्चों को चोटें आई हैं.
-सुनील कुमार, वार्डन जवाहर हॉस्टल

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