बड़वानी,  इंदल भगवान सुख के दाता है, वह हम सब प्राणियों, प्रकृति पर अपनी दया बनाए रखते है। वनवासी सदियों से प्रकृति के पूजक व संरक्षक रहे है। आज मटली में संतो व समाजजनों के समागम से जो संदेश प्रसारित हुआ है उससे सबका कल्याण होगा।

बुधवार को ग्राम मटली में प्रारंभ तीन दिवसीय इंदल मेले के अवसर पर उपस्थित विशालजन समूह को संबोधित करते हुये उक्त बाते संत उत्तम स्वामीजी, महामंडलेश्वर सुरेशानंदजी, संत दयानंद बापू ने कही। इस अवसर पर संतो ने जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह तथा श्रम मंत्री अंतरसिंह आर्य से मटली ग्राम का नाम इन्द्र नगर रखने, इन्दल मेले हेतु 50 एकड़ भूमि देने की भी मांग की। इसके पूर्व संतो, अतिथियो एवं वनवासी समाज के जनो ने परम्परागत तरीके से इन्दल उत्सव की शुरूआत भी कलम पेड़ की डाली लगाकर की।

साथ ही विश्व के प्रथम इंदल भगवान मंदिर का लोकापर्ण भी किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये प्रभारी प्रभारी मंत्री विजय शाह, श्रम मंत्री अंतरसिंह आर्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में पारिवारिक कारणो से मुख्यमंत्री नही आ पाये। किन्तु मटली मेले हेतु 50 एकड़ भूमि तथा मटली का नाम इन्द्र नगर रखने की बात को वे शासन स्तर पर अवश्य पहुंचायेगे।

इसके साथ ही प्रभारी मंत्री ने घोषणा भी की कि यदि ग्राम पंचायत प्रस्ताव देगी तो इस स्थान पर प्रति शनिवार को हाट-बाजार लगवाने की व्यवस्था अवश्य कराई जायेगी।

कार्यक्रम के दौरान विधायक पानसेमल दीवानसिंह पटेल, अखिल भारतीय धर्म जागरण समन्वय विभाग प्रमख राजेन्द्रप्रसाद सिंह, क्षेत्रिय प्रमुख धर्म जागरण समन्वय विभाग मप्र- छत्तीसगढ़ रेवाराम भाई ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर जनजाति आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र मरावी, प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष गजेन्द्रसिंह पटेल, कलेक्टर अजयसिंह गंगवार, पुलिस अधीक्षक सद्धार्थ बहुगुणा, जिला पंचायत सीईओ बी कार्तिकेयन, एसडीएम राजपुर जेएस बोरिया, ग्राम सरपंच श्रीमती अनिता दिनेश कन्नौजे, मटली मंदिर हेतु भूमि दान करने वाले भाई किशन भाई, छतरसिंह, वकीलसिंह सहित ग्रामीण भी उपस्थित थे।

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