sanchiविदिशा,  मध्यप्रदेश के विदिशा के समीप स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सांची घूमने आने वाले पर्यटकों से वाहन पार्किंग के नाम पर नगर परिषद सांची द्वारा अवैध रूप से की जा रही अवैध वसूली की वजह से पर्यटकों को बेवजह परेशान होना पड रहा है।

पडोसी रायसेन जिले में और विदिशा जिला मुख्यालय से मात्र सात किलोमीटर दूर स्थित सांची में अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूले जाने के कारण पर्यटकों और कर्मचारियों में आए दिन बहस और विवाद होते रहते हैं। दुपहिया वाहन चालकों से पांच रूपये और चार पहिया वाहन चालकों से वाहन पार्किंग के नाम पर दस रूपए की वसूली की जा रही है।

सांची घूमने आने वाले पर्यटक टिकट विंडो से टिकट खरीदते हैं। इसी दौरान नगर परिषद सांची के कर्मचारी वाहन चालकों से स्तूप और अन्य जगह जाने से पहले वाहन पार्किंग के नाम पर वसूली करने लगते हैं। पूरे दादागिरी वाले अंदाज में दुपहिया वाहन चालकों की पांच रूपये और चारपहिया वाहन चालकों की दस रूपए की पर्ची काटकर उन्हें थमा दी जाती है। कई पर्यटकों को इस अवैध वसूली की जानकारी नहीं होने के कारण वह चुपचाप अपनी रसीद कटाकर ऊपर पहाड़ी पर पार्किंग स्थल पर जाकर अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। लेकिन जिन लोगों को इस अवैध वसूली की जानकारी है , वह लोग इसका विरोध करते हैं। इसके चलते वहां पर आए दिन बहस और विवाद जैसी स्थितियां निर्मित हो जाती हैं।

इस संबंध में रायसेन जिला कलेक्टर जे के जैन से उनके मोबाइल फोन पर चर्चा करना चाही गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस संबंध में प्राप्त शिकायतों के अनुसार नीचे जिस स्थान से टिकट मिलते हैं, वहां पर पुरातत्व विभाग ने बाकायदा सूचना लगा रखी है कि स्तूप परिसर में वाहन पार्किंग नि:शुल्क है। इसके बाद भी इस विण्डो के पास ही नगर परिषद सांची के कर्मचारी पर्यटकों से निडर होकर रंगदारी दिखाते हुए वाहन पार्किंग के नाम पर वसूली कर रहे हैं।

पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार ऊपर पहाड़ी पर जिस जगह वाहनों की पार्किंग होती है , वहां नगर परिषद सांची का कोई स्थान नहीं है। वह स्थान सांची महाबोधि सोसायटी का है और पुरातत्व विभाग द्वारा वहां विकास कराने के लिये वह जमीन महाबोधि सोसायटी से ली गई है। महाबोधि सोसायटी उसका कोई शुल्क नहीं लेती। इसके बाद भी नगर परिषद सांची वाहन पार्किंग के नाम पर लोगों से अवैध रूप से वसूली कर रही है।

इस संबंध में महाबोधि सोसायटी ऑफ श्रीलंका के प्रभारी बानागल विमलतिस्य थैरो का कहना है कि पहाड़ी के ऊपर स्तूप के पास वाहन पार्किंग की जो जगह है, वह सांची महाबोधि सोसायटी की है और इस जगह को पुरातत्व विभाग ने विकास करने के लिये मांगी है। पहाड़ी पर जिस जगह वाहन पार्क किये जाते हैं, उसके लिये हम किसी से कोई शुल्क नहीं लेते.
सांची स्तूप प्रभारी एस के वर्मा का कहना है कि नगर परिषद सांची पर्यटकों से वाहन पार्किंग का अगर शुल्क ले रही है तो उसे पर्यटकों को वाहन पार्किंग के लिये उचित स्थान और सुविधाएं मुहैया कराना चाहिए। पहाड़ी पर स्तूप के समीप सांची नगर परिषद का कोई स्थान नहीं है। वहां पर पर्यटकों के लिये वाहन पार्किंग नि:शुल्क है। अगर नगर परिषद सांची पर्यटकों से इस स्थान पर पार्क होने वाले वाहन चालकों से वसूली कर रही है तो वह अवैध है।

इस संबंध में नगर परिषद सांची के प्रभारी अधिकारी शेख अख्तर का कहना है कि वर्ष 2003-05 से वाहन पार्किंग के लिए पर्यटकों से वसूली की जा रही है। नगर परिषद सांची का पार्किंग स्थल स्तूप पहाड़ी के मुख्य गेट के पास नीचे है, जहां वाहन पार्क करने का पर्यटकों से शुल्क लिया जा रहा है। उनका कहना है कि पहाड़़ी के ऊपर स्तूप के पास वाहन पार्क करने का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। नगर परिषद अपनी आय बढ़ाने के लिये यह शुल्क पर्यटकों से ले रही है।