kimनयी दिल्ली,  विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष जिम योंग किम भारत की दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को नयी दिल्ली आयेंगे जहाँ वह पिछले दो साल के दौरान “प्राथमिकता वाले क्षेत्रों” में मोदी सरकार के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और हरित ऊर्जा एवं पोषण के क्षेत्रों में जारी प्रयासों की जानकारी लेंगे।

विश्व बैंक ने आज यहाँ बताया कि श्री किम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात भी करेंगे। सत्ता में आने के बाद जुलाई 2014 में मोदी सरकार ने विश्व बैंक से मिलने वाले सहयोग के लिए कुछ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की थी। वह इन क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। श्री किम ने अपनी यात्रा से पहले एक बयान जारी कर कहा है कि भारत वैश्विक स्तर पर गरीबी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। यह दुनिया में गरीबी कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है। दुनिया 26 प्रतिशत बेहद गरीब लोग भारत में रहते हैं। इसका मतलब है कि गरीबी घटाने की दिशा में भारत के मजबूत तथा टिकाऊ प्रदर्शन पर ही वर्ष 2030 तक अतिनिर्धनता दूर करने की दुनिया की क्षमता निर्भर करती है।

उन्होंने कहा, “मेरी पिछली यात्रा के दौरान श्री मोदी ने उन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की थी जिनमें विश्व बैंक अनुभव और वित्तीय मदद दे सकता है। तब से अब तक काफी प्रगति हुई है। मैं यहाँ यह देखना चाहता हूँ कि ये प्रयास भारत के विकास एजेंडा में कितने मददगार हैं तथा इनके अलावा और क्या करने की जरूरत है।” भारत विश्व बैंक समूह का सबसे बड़ा क्लाइंट है। वर्ष 2015 और 2016 में समूह ने भारत को 5.3 अरब डॉलर का ऋण दिया है।

इसमें 3.2 अरब डॉलर अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निमाण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) ने, 1.1 अरब डॉलर अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) ने तथा एक अरब डॉलर अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने दिये हैं। ये सभी संस्थाएँ विश्व बैंक समूह के अंतर्गत आती हैं।

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