10as41विश्व हिन्दी सम्मेलन में गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि यह सम्मेलन 32 वर्ष बाद भारत मेें हो रहा है. पत्रकारों से उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में हिन्दी को कैसे शामिल किया जाए और हिन्दी के शब्दों की जटिलता को सरलतम बनाने के लिए भी इस सम्मेलन के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं.

जिसमें दुनिया भर से 5440 विद्वान शामिल हुए हैं.उन्होंने कहा कि 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में 39 देशों हिन्दी विद्वानजन भाग ले रहे हैं जो, हिन्दी के प्रचार प्रसार और उसकी जटिलता को सरल करने की दिशा में विचार विमर्श कर कार्य करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ विभाग ऐसे हैं जहांॅ हिन्दी का उपयोग नहीं हो पाया है. साथ ही न्यायालयीन कार्यों में हिन्दी शब्द जटिलता लिए हुए रहते हैं. इस दिशा में भी इस सम्मेलन में विचार विमर्श किया जा रहा है. प्रवक्ता ने कहा कि 10वें सम्मेलन में दुनिया भर से 5440 विद्वानजनों का आना नया कीर्तिमान है.

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