उज्जैन में तीन दिवसीय शैव महोत्सव का भागवत ने किया शुभारंभ

  • भारत की संस्कृति के पदचिह्न पूरी दुनिया में,
  • दुनिया को सही राह दिखाना हमारा कत्र्तव्य

उज्जैन,

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज यहां कहा कि हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनियाभर में मिलते हैं और विष पीकर अमर होने वाला देश भारत ही हो सकता है.

संघ प्रमुख भागवत ने आज यहां शुरु हुए तीन दिवसीय शैव महोत्सव के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को राह दिखाने का काम करना हमारा कत्र्तव्य बनता है.

उन्होंने कहा कि शिव का पहला नाम रूद्र है, रूद्र का अर्थ है शक्ति, बिना शक्ति के शिव होने का कोई मतलब नहीं है, दुनिया की सारी दुष्ट शक्तियों को भस्म करने वाले रूद्र ही शिव है, हमें शक्ति की उपासना करना पड़ेगी.

शारीरिक ताकत ही सब कुछ नहीं होती, उसके साथ आन्तरिक ताकत आवश्यक है. हमें भौतिक बल के साथ आध्यात्मिक बल-सम्पन्न संवेदनशील समाज बनाना पड़ेगा. भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय व व्यक्तिगत चरित्र शिव के समान होना चाहिये.

संघ प्रमुख ने कहा कि भगवान राम ने उत्तर से दक्षिण को, भगवान कृष्ण ने पूर्व से पश्चिम को जोडऩे का काम किया, किन्तु भगवान शिव सम्पूर्ण भारत के कण-कण में विद्यमान है. सम्पूर्ण दुनिया को जीवन जीने की कला सिखाने वाली भारतीय संस्कृति विश्वव्यापी है. उन्होंने कहा कि कई वर्ष पूर्व जब वे तंजानिया, केन्या गए थे तब वहां उन्होंने भगवान शिव के स्वयंभू लिंग दर्शन किए.

शांति के लिए युद्ध नहीं करना पड़ता है, इसके लिये सम्पूर्ण स्वार्थ का त्याग करना होता है. हम लोगों का दायित्व है कि हम शिव को समझें. सम्राट विक्रमादित्य ने 2100 वर्ष पूर्व शैव महोत्सव प्रारंभ किया था, आज से आयोजित होने वाला शैव महोत्सव आम जन में शिवत्व की प्रेरणा जगाएगा.
-मोहन भागवत, संघ प्रमुख

 

लोगों का जीवन बनाना भी सरकार का काम

यह लोगों के बीच सारे भेद मिटाकर कार्य करने का संदेश देते हैं. विश्व में आज जो टकराव देखने को मिल रहे हैं, उनसे निपटने में भारतीय संस्कृति और दर्शन ही कारगर हैं. शैव महोत्सव की प्राचीन परम्परा है, यह जारी रहना चाहिये, महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन से प्रारम्भ हुआ शैव महोत्सव द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक जायेगा.

एकात्म यात्रा हो या शैव महोत्सव, भारत दुनिया को नेतृत्व देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सभी के स्वस्थ और सुखी रहने का दर्शन ही भारतीय संस्कृति है.
-शिवराज सिंह, सीएम मप्र

उज्जैन में तीन दिवसीय शैव महोत्सव का शुभारंभ शंकराचार्य दिव्यानन्द तीर्थ , संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया