नयी दिल्ली,

उच्चतम न्यायालय ने वोटर-वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों से निकली कम से कम 25 प्रतिशत पर्चियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से मिलान करने संबंधी कांग्रेस की याचिका आज खारिज कर दी।

शीर्ष अदालत ने इस मामले में कोई भी निर्देश देने से इन्कार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि वह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है और केवल एक पार्टी की आशंका को दूर करने के लिए इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

न्यायालय ने कहा कि यदि गुजरात कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में सुधार को लेकर याचिका दायर करती है तो वह उस पर सुनवाई करने को तैयार है।कांग्रेस ने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि ईवीएम से जो वोट डाले गए हैं उनका मिलान वीवीपैट मशीनों से निकली पर्चियों से कराया जाये।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे दौर का मतदान कल समाप्त होने के बाद टेलीविजन चैनलों पर दिखाये गये एग्जिट पोल के अनुसार राज्य में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने का अनुमान है।

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