कर्मचारी मोर्चा

भोपाल,

म.प्र. कर्मचारी कांग्रेस ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत्ï लगभग 1 लाख लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों की 36 वर्ष से चली आ रही वेतनमानों एवं ग्रेड-पे में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग राज्य शासन से की है.

लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विचार-विमर्श कर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा निर्धारित करने हेतु संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई. इसमें सर्वानुमति से लिपिकों की मांगों हेतु ब्लॉक स्तर पर धरना आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.

बैठक को संबोधित करते हुये वीरेंद्र खोंगल ने कहा कि प्रदेश के लिपिक वर्ग के साथ ताराचंद एवं पांडे वेतन आयोग ने न्याय कर सम्मानजनक वेतनमान निर्धारित किया था.

किन्तु वर्ष 1981 में एम.एस. चौधरी वेतन आयोग द्वारा जो विसंगति उत्पन्न की गईविगत 36 वर्षों से लिपिकों द्वारा 1 माह से अधिक अवधि तक सामूहिक हड़ताल एवं लगातार प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के पश्चात्ï शासन द्वारा आश्वासन देने के बावजूद विसंगतिपूर्ण वेतनमानों एवं ग्रेड-पे में सुधार नहीं किये जाने से लिपिक वर्ग के कर्मचारी वेतन के मामले में अध्यापक एवं चपरासी के समकक्ष वेतन पाने हेतु मजबूर हैं.

बिजली बिल को लेकर प्रर्दशन आज

कोलार में बिजली कंपनी के मनमाने बिल से परेशान अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत रहवासियों के साथ मिलकर बिजली कार्यालय पर प्रर्दशन करेगी. यह प्रर्दशन सोमवार को दोपहर 2.30 बजे किया जायेगा. इससे पहले भी ग्राहक पंचायत मनमाने बिल को लेकर बिजली कार्यालय पर प्रर्दशन कर चुका है.

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

सेमी गवर्नमेंट एम्पलाईज फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष अनिल बाजपेयी ने बताया कि मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि सेमी गवर्नमेंट एम्पलाईज फेडरेशन काफी लंबे समय से प्रदेश के निगम, मंडल, बोर्ड एवं सहकारी संस्थाओं आदि के कर्मचारियों की जायज लम्बित मांगों को शासन के सामने रखता रहा है, किन्तु आज तक कोई ठोस निराकरण नहीं हो सका है. सात सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांगों को शीघ्र-अतिशीघ्र पूरा करने की बात कही है.

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