7 अप्रैल से अभियान, अब अवैध कॉलोनियां नहीं बनने दी जाएंगी: सीएम

  • नियमितीकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी
  • गुंडे-बदमाशों पर पुलिस की कार्रवाई की तारीफ

नवभारत न्यूज भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब प्रदेश में सभी अवैध कॉलोनियां 7 अप्रैल से 15 अगस्त तक वैध की जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब आगे से अवैध कॉलोनियां भी नही बनने दी जाएगी.

मुख्यमंत्री चौहान आज यहां स्थानीय नरोना प्रशासकीय अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितकरण के संबंध में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए हमने अधिकारियों को निर्देश देकर यह भी चेताया है कि अवैध कॉलोनी को वैध करने में कोई बहाना नहीं चलेगा.

गलत निगाह रखने वाले गुंडों के निर्माण तोड़ें

कार्यशाल में मुख्यमंत्री ने यह कहा कि प्रदेश के किसी भी शहर में बहन बेटियों पर गलत निहाग रखने वाले गुंडों के अवैध निर्माण को तोडऩा ही है. मैं आदेश दे रहा हूं. किसी की परमिशन की जरूरत नहीं सीधे तोड़ दो, बाद में देखेंगे जो होगा. गुंडों और बदमाशों को बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार की गरीबों को मकान देने की योजना के लिए एक अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू करें. उन्होंने एक उदाहरण देते हुये यह भी कहा कि जनता से टैक्स वलूले इसके लिये जरूरी नही है कि उनकी दुकानों व घरों में न ताले लगाये. टैक्स वसूलना ही है तो प्रेम से टैक्स वलूले. ठीक उसी तरह जिस तरह मधुमखी फूलों से रस चूसती है.

पहले माह पांच सौ कॉलोनियां वैध करेंगे

मंत्री माया सिंह ने कहा कि पहले महीने में 500 कॉलोनियों को वैध की जाएंगी. इसके लिए 20 प्रतिशत रहवासी देंगे और 80 प्रतिशत नगरीय निकाय देगा. मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जो अवैध कॉलोनियों को वैध कर रहा है.मंत्री ने कहा कि नियंत्रण और निर्देशों का दुरुपयोग न हो इसके लिए अब खास ध्यान रखना होगा. अब पैनी निगाह रखी होगी कि कहीं भी अवैध कॉलोनी नहीं बने. अवैध कालोनियों से उस क्षेत्र का और रहवासियों का विकास रुक जाता है.

मुख्य सचिव बी.पी. सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है. अवैध कॉलोनियों के मूल कारणों को चिन्हित कर, उनके समाधान के प्रयास हुए हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की सफलता और सार्थकता तभी है जब समस्त अवैध कालोनियाँ वैध हो जायें और कोई नई अवैध कालोनी नहीं बने.

प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला अवैध कॉलोनियों को नगर की मुख्य-धारा में शामिल करने के लिये नियमितिकरण की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी देने के लिये की गई है. आवश्यकता होने पर वैधानिक प्रावधानों को सरल भी बनाया जायेगा.

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