moodysसिंगापुर,  साख निर्धारक एजेंसी मूडीज ने आज कहा कि देश में निवेश की स्थिति में सुधारा हो रहा है तथा अगले साल मजबूत घरेलू विकास के दम पर भारत वैश्विक दिशा निर्धारित करेगा।

एजेंसी ने ‘इनसाइड इंडिया’ के दिसंबर 2015 अंक में कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान भारत की विकास दर 7.5 पर रहेगी। इस दौरान विनिर्माण गतिविधियों तथा निवेश की स्थिति बेहतर होगी। विनिर्माण गतिविधियों में उछाल से अगले साल देश की गैर-वित्तीय कंपनियों के विकास को समर्थन मिलेगा। लेकिन, कंपनियाँ डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनी रहेंगी।

मूडीज ने कहा है कि स्थानापन्न पूँजी निवेश तथा सार्वजनिक खर्च बढ़ने के कारण भारत में निवेश के स्तर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इसे बनाये रखने के लिए निजी क्षेत्र के पूँजीगत निवेश में सुधार होना आवश्यक है। एजेंसी के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विश्लेषक राहुल घोष ने कहा, “हालिया आँकड़ो से भारत के निवेश चक्र में सुधार के शुरुआती संकेत मिलते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत की कमजोर मौद्रिक स्थिति के कारण सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र का खर्च बढ़ाने में दिक्कत आयेगी। ऐसी परिस्थिति में विस्तृत एवं सतत सुधार के लिए निजी क्षेत्र के खर्च में बढ़ोतरी आवश्यक है। हालाँकि, गैर-वित्तीय कंपनियों में कर्ज का ऊँचा स्तर, बैंकिंग क्षेत्र में संपत्ति की गुणवत्ता के प्रति चिंता तथा बाहरी माँग में गिरावट के कारण निजी क्षेत्र का खर्च बढ़ने में लंबा समय लगने की आशंका भी है।

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