21vidhansabhaभोपाल, 21 जुलाई,नभासं. राज्य के व्यापम घोटाले पर विधानसभा में मंगलवार को हुए बवाल के बाद दूसरे दिन सदन की कार्रवाई नहीं चल सकी और शोरगुल तथा हंगामे के बीच अध्यक्ष को बुधवार तक के लिए कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा.

प्रतिपक्ष कांग्रेस के सदस्यों के व्यापमं मसले पर आक्रामक तेवर और हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हो सका और आखिरकार हंगामे के बीच ही कार्यसूची में शामिल विषयों को पूर्ण करने की औपचारिकता के बाद कार्रवाई कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

अनुपूरक बजट पेश
हंगामे के बीच ही सदन में वित्त वर्ष 2015-16 के लिए लगभग 85 अरब रूपयों का पहला अनुपूरक बजट और तीन विधेयक पेश किए गए. अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा ने सदस्यों को कई बार समझाइश दी कि वह सदन को सुचारू ढंग से चलाने में मदद करें लेकिन कांग्रेस सदस्य उनके आसन के समक्ष पहुंचकर व्यापमं मामले को लेकर नारेबाजी करते रहे. इस बीच संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया.

आसंदी तक पहुंचे कांग्रेस सदस्य
साढे ग्यारह बजे सदन फिर से समवेत होने पर अध्यक्ष ने कार्यसूची में शामिल विषयों पर कार्रवाई प्रारंभ की लेकिन कांग्रेस सदस्य व्यापम मामला उठाते हुए फिर से एकसाथ बोलने लगे और अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए. अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि प्रश्नकाल के लिए निर्धारित प्रश्नों की सूची में पांचवें और बाइसवें क्रमांक पर व्यापम से संबंधित मुद्दा है उन्होंने उस पर चर्चा क्यों नहीं की. संसदीय कार्य मंत्री मिश्रा ने कहा कि विपक्षी सदस्य चर्चा से भाग रहे हैं.

निंदा प्रस्ताव आया
शोरशराबे के बीच ही अध्यक्ष ने कार्यसूची में शामिल विषयों को पूर्ण करने की प्रक्रिया शुरू की. यह काम पूर्ण होते ही संसदीय कार्य मंत्री मिश्रा ने विपक्षी कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया. और अध्यक्ष ने कार्यवाही कल सुबह साढे दस बजे तक के लिए स्थगित कर दी.इसी बीच मध्यप्रदेश अधोसंरचना विनिधान निधि बोर्ड (संशोधन) विधेयक मध्यप्रदेश तंग करने वाली मुकदमेबाजी (निवारण) विधेयक और मध्यप्रदेश औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक संबंधित विभागों के मंत्रियों के द्वारा पेश करने की औपचारिकता पूर्ण की गयी. साढे ग्यारह बजे के बाद यह पूरी कार्यवाही लगभग 20 मिनट में पूरी की गयी.

शुरु से ही छाया है मामला
इस बार सत्र की शुरूआत से ही व्यापम मसला छाया है.श्रद्धांजलि के दौरान भी कांग्रेस ने व्यापम से जुडी मौतों का जिक्र करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया था. कांग्रेस पहले ही अपने इरादे साफ कर चुकी है और उसका कहना है कि व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच भले ही प्रारंभ हो गयी हो लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पद पर बने रहने के बीच यह जांच भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए वे चौहान के त्यागपत्र की मांग पर अडे हैं.

Related Posts:

क्रॉसओवर फिल्में करना चाहती हैं रागेश्वरी
जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए तो हाथ काट देंगे!
सलमान ने सबके सामने दिखाई दरियादिली
केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा, संगीत सोम व नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ प्रकरण
भगवाकरण का आरोप साबित होने पर छोड़ दूंगी राजनीति : ईरानी
जीएसटी 01 अप्रैल से लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध