5as18भोपाल, 5 जुलाई,नभासं. प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के मामले पर फिर से सियासत गरमा गई है. जबलपुर मेडिकल कालेज के डीन अरूण शर्मा और टीवी पत्रकार समेत इससे जुड़े प्रत्यक्ष और परोक्ष लोगों की मौत ने मामले को गर्माने का काम किया है. इसी बीच रविवार को प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के के मिश्रा ने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई सीबीआई के जरिए जांच से ही सामने आ सकती है.

वे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पत्रकार-वार्ता में बोल रहे थे. उन्होंने व्यापम घोटाले को देश का ही नहीं एशिया का सबसे बडा घोटाला बताया और कहा कि मुख्यमंत्री को इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के लिए आवश्यक पहल करना चाहिए. उन्होंने एक दर्जन सवालों की सूची जारी करते हुए इस पर सीएम से उनकी कैफियत मांगी है. उनका कहना है कि यदि वह अपने उत्तरों से उन्हें संतुष्ट कर देंगे तो कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग नहीं करेगी.

प्रभावी लोग नहीं पकड़े जा सके
उन्होंने मुख्यमंत्री पर असत्य वचन बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस मामले की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में पुलिस के विशेष कार्य बल द्वारा किए जाने की बात कर रहे हैं लेकिन सच्चायी यह है कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार और अन्य प्रभावी आरोपियों को एसटीएफ आज तक गिरफतार नहीं कर पायी है. यदि जांच निष्पक्ष होती तो यह सब कैसे संभव हो सकता है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पुत्र के खिलाफ भी न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज हुयी बल्कि उनकी लखनऊ में संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई. इसी तरह व्यापम से जुडी खबर करने के लिए आए दिल्ली के पत्रकार की कल झाबुआ जिले के मेघनगर में हुयी मौत को हृदयाघात बताया जा रहा है जबकि उनके मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आयी है. इन सब स्थितियों के बीच सीबीआई जांच आवश्यक है.

मिश्रा ने कहा कि चालीस से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और इसके बावजूद सरकार सीबीआई जांच से बच रही है. कांग्रेस को सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह कहते हैं कि व्यापम मामले की जांच उन्होंने ही शुरू करायी यह भी सच नहीं है. दरअसल व्यापम मामले में पहली प्राथमिकी जुलाई 2009 में भोपाल के एम पी नगर थाने में दर्ज हो चुकी थी.

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