नई दिल्ली. मई में व्यापार घाटा तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है. कच्चे तेल के इंपोर्ट बिल में साल दर साल 40 फीसदी की गिरावट की वजह से व्यापार घाटे में कमी आई है, लेकिन चिंता की बात ये है कि लगातार छठे महीने एक्सपोर्ट भी घट गया है.

ट्रेड डाटा के मुताबिक व्यापार घाटा कम तो हुआ है लेकिन एक्सपोर्ट्स में गिरावट का रुख जारी है. ये लगातार छठा महीना है, जब एक्सपोर्ट गिरा है. नए वित्त वर्ष के दूसरे महीने में एक्सपोर्ट पिछले साल मई के मुकाबले 20 फीसदी कम हुआ है. मई 2014 में एक्सपोर्ट 27.99 अरब डॉलर था जो मई 2015 में 22.34 अरब डॉलर रह गया. एक्सपोर्ट में गिरावट की दो मुख्य वजहें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये में तेजी है.

ट्रेड डाटा के इन आंकड़ों में खुशी सिर्फ इस बात पर जताई जा सकती है कि देश का व्यापार घाटा तीन महीने के निचले स्तर पर है. मई 2015 में ये 10.41 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल मई में 11.2 अरब डॉलर था. एक्सपोर्ट में गिरावट के बावजूद व्यापार घाटे में कमी की वजह है इंपोर्ट बिल में कटौती. मई में इंपोर्ट का बिल पिछले साल के मुकाबले 16.5 फीसदी गिरा है. और इसमें बड़ा हाथ है कच्चे तेल के भाव में कटौती का. मई 2015 में कच्चे तेल का इंपोर्ट 8.54 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल ये 14.46 अरब डॉलर था. हालांकि गोल्ड इंपोर्ट में इस अवधि में बढ़त दर्ज की गई है. गोल्ड इंपोर्ट 2.19 अरब डॉलर से बढ़कर 2.42 अरब डॉलर रहा.

साल शुरुआती दो महीनों की बात करें तो अप्रैल-मई 2015 के दौरान एक्सपोर्ट करीब 17 फीसदी घटकर 44.4 अरब डॉलर रहा. अप्रैल में सर्विस सेक्टर के एक्सपोर्ट में भी 4.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी. इन दो महीनों में देश का इंपोर्ट भी 12 फीसदी की गिरावट के साथ 65.8 अरब डॉलर रहा. साल के पहले दो महीनों में 21.39 अरब डॉलर का व्यापार घाटा दर्ज किया जा चुका है.

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