farhaनई दिल्ली, 28 नवंबर (वार्ता) बॉलीवुड की जानीमानी फिल्मकार फराह खान का कहना है कि फिल्म समारोहों में व्यवसायिक फिल्मों का सम्मान नहीं मिलता है ।

फराह की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ रिलीज के आठ वर्ष बाद 37वें काहिरा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (सीआईएफएफ) में हाल ही में प्रदर्शित की गई। उनका मानना है कि व्यावसायिक फिल्मों को भारतीय फिल्म समारोहों में सम्मान नहीं मिलता। जब कोई विदेशी फिल्म समारोह आपको सम्मानित करता है तो इसका अर्थ है कि वे आपकी फिल्म को पसंद करते हैं लेकिन भारत में फिल्म समारोह आयोजित करने वाले व्यावसायिक फिल्मों को सम्मान नहीं देते।

फराह ने कहा कि वे समारोहों में विशिष्ट बौद्धिक कला फिल्में दिखाते हैं, लेकिन साथ ही वे व्यावसायिक अभिनेताओं और निर्देशकों को समारोह में शामिल करना चाहते हैं, क्योंकि इनके दम पर ही भीड़ और मीडिया जुटती है। काहिरा फिल्म समारोह में फराह की ‘ओम शांति ओम’ की स्क्रीनिंग के साथ ही उन्हें सिनेमा में उत्कृष्टता के लिए ‘फतेन हमामा अवार्ड’ से नवाजा गया। फराह उम्मीद करती हैं कि भारतीय फिल्म समारोहों में भी व्यावसायिक और गैर व्यावसायिक फिल्में दोनों दिखाई जाएं, यह अच्छा रहेगा।