sharmilaजबलपुर 24 जून नससे. मप्र हाईकोर्ट ने भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खान की संपत्ति जब्त करने संबंधी मामले में सिने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और दो बहनों को बड़ी राहत प्रदान की है। जस्टिस

आलोक अराधे की एकलपीठ ने बुधवार को श्रीमती टैगोर व उनकी दो पुत्रियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी संपत्ति को जब्त करने के संबंध में एनेमी एक्ट के तहत दिए गए आदेश पर यथास्थिति बनाने के निर्देश दिये है। साथ ही जवाब पेश करने केन्द्र सरकार को चार सप्ताह मोहलत प्रदान की है। यह मामला सिने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और उनकी पुत्री सबा अली और सोहा अली खान की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वे भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खान के वारिस के साथ-साथ उनकी संपत्तियों के हकदार भी हैं। आवेदकों का कहना है कि मुम्बई में पदस्थ कस्टोडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी ऑफ इण्डिया के पद पर पदस्थ उत्पल चक्रवर्ती ने एनेमी प्रॉपर्टी एक्ट 1968 के तहत 25 फरवरी 2015 को उनकी पीठ पीछे एक विवादित आदेश पारित कर दिया। इस आदेश के तहत कस्टोडियन ने शर्मिला टैगोर और उनके परिवार द्वारा संभाली जा रही नवाब हमीदुल्ला खान की संपत्ति को अपने कब्जे में लेने के निर्देश जारी कर दिए थे। उक्त आदेश की वैधानिकता को चुनौती देते हुये हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में भारत सरकार के गृह मंत्रालय, कस्टोडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी ऑफ इण्डिया मुम्बई और मप्र सरकार के राजस्व सचिव को पक्षकार बनाया गया है। इसी मामले से संबंधित सैफ अली खान की याचिका पर हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल को सुनवाई के बाद 25 फरवरी के विवादित आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद यह याचिका शर्मिला टैगोर व उनकी दो पुत्रियों की ओर से दायर की गई। मामले पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश पंचोली ने पक्ष रखा।

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