चेन्नई,  अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव वी के शशिकला ने आज पार्टी मुुख्यालय में पार्टी विधायकोें की आपात बैठक बुलाई जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विचार विमर्श किया गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में अन्नाद्रमुक के 134 में से 131 विधायकों ने हिस्सा लिया और उन्होेंने श्रीमती शशिकला के नेतृत्व के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए पार्टी को आगे बढ़ाने में उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इस दौरान लिए गए निर्णयों की कोई जानकारी नहीं दी गई। बैठक के बाद श्रीमती शशिकला वहां से रवाना हाे गई। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में उन्होंने विधायको को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी ताकत अन्नाद्रमुक को विभाजित नहीें कर सकती है। श्रीमती शशिकला ने कहा“ समय के इस मोड़ पर हमें एक रहने तथा अपनी एकजुटता दिखानी है ताकि अम्मा के सिद्वांतों आैर नीतियों की रक्षा की जा सके।”

इस बैठक में कुछ विधायकों ने कहा कि काेई भी चिनम्मा (शशिकला) को मुख्यमंत्री बनने से रोक नहीे सकता है। इस बीच पार्टी प्रवक्ता अवादि कुमार ने कहा कि श्री पन्नीरसेल्वम मुख्यमंत्री पद खोने के बाद ही अपनी आवाज उठा रहे हैं और वह अपने हितों को साधने में लगे हुए हैं । उनके इन कार्यों से पार्टी को काेई फायदा नहीे होने वाला है अन्नाद्रमुक नेता और विधायक सेम्मालाई ने कहा कि राज्यपाल को श्रीमती शशिकला के पत्र के आधार पर ही कार्रवाई करनी चाहिए।

वह सुश्री जयललिता की राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और बेहतर अनुभव के आधार पर वह राज्य को बेहतर शासन दे सकती हैं। राज्य मंत्री ओ एस मनियन ने कहा कि श्रीमती शशिकला जल्दी ही शपथ ग्रहण करेंगी और जैसे ही राज्यपाल लौटते हैं उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। उन्हाेंने कहा कि हम सभी सर्वसम्मति से उनके समर्थन में हैं।

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