17nn9भोपाल,17 मार्च,नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के नव निर्वाचित महापौरों का आव्हान किया है कि वे विकास के लिए मिलने वाली धनराशि के बेहतर उपयोग के लिये अलग से संस्थागत व्यवस्था बनाने की पहल करें. मुख्यमंत्री पर्यावरण परिसर में नव निर्वाचित महापौर सम्मलेन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकर की ओर से पूरा वित्तीय सहयोग मिलेगा, लेकिन स्थानीय निकायों को अपने वित्तीय संसाधनों को भी मजबूत करना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को निर्देश दिए जायेंगे कि वे शहरी विकास से जुड़े विषयों पर महापौरों से भी परामर्श करें. उन्होंने सिंगापुर के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास की दृढ़ इच्छा रखने और कड़ी मेहनत से कुछ भी असंभव नहीं है. यदि महापौरगण चमत्कार करने की ठान लें तो शहरों की तस्वीर ही बदल जायेगी.

विभागों से हो तालमेल
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शहर की बेहतरी के लिये राज्य और केन्द्र शासन के सभी संबंधित विभागों से परस्पर ताल-मेल रखना पहली जिम्मेदारी है. इधर,प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एस.एन. मिश्रा ने महापौरों को राज्य सरकार के नगरीय विकास की सोच और दृष्टि की जानकारी दी. जल प्रदाय, लोक परिवहन, कौशल विकास, स्वच्छता, आवास, अधोसंरचना विकास, ई-नगर पालिका आदि पर चर्चा हुई. इस अवसर पर भारत में नगरीय विकास मध्यप्रदेश के विशेष सन्दर्भ में पुस्तक का विमोचन किया.आयुक्त नगरीय प्रशासन संजय शुक्ला, भोपाल के महापौर आलोक शर्मा सहित प्रदेश के नगर निगमों के नवनिर्वाचित महापौर और मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे.

आलोक का इस पर फोकस
भोपाल की खूबसूरती में आए निखार -अतिक्रमण को कंट्रोल करने निगमों को अपनी पुलिस व्यवस्था बनाने में सहयोग मिले -ट्रेफिक कंट्रोल के लिए शहर को मिलें अधिक फ्लाय ओव्हर -शहर की स्वच्छता के लिए सरकार से मिले अधिक सहयोग -आर्थिक ढांचा मजबूत हो इसके लिए नियम 136 ए में संशोधन हो.

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