नगर सेवा रही बुरी तरह बाधित, लोग हुए परेशान

नवभारत न्यूज भोपाल,

अनुचित जाति,जनजाति अत्याचार निवार अधिनियम 1989 एट्रोसिटी में बदलाव के खिलाफ भारत बंद का भोपाल में मिला जुला असर रहा. डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर दर्जनों संगठनों ने सडक़ जाम कर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज किया. इस दौरान प्रदर्शन कारियों ने एट्रोसिटी एक्ट को पुन: लागू करने की मांग की. प्रर्दशन उपरांत सभी संगठनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.

ज्ञापन देने वालों में दि बुद्ध भूमि धम्मदूर संघ, अजाक्स, भोपाल बौद्ध परिवार, महार समाज संगठन, भारतीय वाल्मिकी युवा संगठन, अखिल भारतीय मेहरा समाज, नवयुवक अहिरवार समाज संगठन सहित दर्जनों संगठन शामिल थे.

इस मौके पर बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ के शाक्य पुत्र भंते सागने ने कहा कि किन्ही गंभीर मामले में अदालत में अपराधियों के खिलाफ जार्ज सीट दाखिल कर दी जाती है, तो मुकदमे के गवाहों को लालच देकर या डरा धमकाकर तोड़ लिया जाता है अथवा मार दिया जाता है या ध्रबल बाहुबल या राजनैतिक बल के आधार पर पक्षपात के माध्यम से अपराधी को बरी कर दिये जाते है.

इस तरह एसी, एसटी वर्ग के लोगों द्वारा इस एक्ट का दुरूपयोग नही हो रहा बल्कि यह एक्ट निष्पक्ष एवं प्रभावी रूप से अधिकारियों द्वारा लागू न हो पाने के कारण अधिकांश मुकदमों में अपराधियों को पर्याप्त सजा नहीं मिल पाती.

परिणामस्वरूप इन वर्गो के उपर जातीय आधार पर अत्याचार निरंतर जारी है. दूसरी ओर इन वर्गो के पीडि़त व्यक्ति को तत्काल रिपोर्ट दर्ज न करने अपराधी को अग्रिम जमानत का लाभ देने और अपराधी की गिरफ्तारी विरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति से करने आदि के आदेश पारित कर दिये जाने से इन वर्गो के उपर और अधिक अत्याचार निश्चित रूप से बढ़ेगे. तथा पूरे देश में भयावह स्थिति उत्पन्न हो जायेगी.

उनका कहना था कि एससी एसटी एक्ट को पूर्व की भांति पुन: लागू करना चाहिये. आपीआई के मोहनलाल पातिटल ने कहा कि भोपाल में बंद का व्यापक असर है. सरकार को इस एक्ट को बरकरार रखना चाहिये. ऐसा नही होने की दशा में आंदोलन निरंतर करते रहेंगे. चौक बाजर में भारत बंद का मिला जुला असर रहा. यहां सुबह के समय अधिकांश दुकाने बंद रही. इक्का दुक्का दुकाने ही खुली नजर आई. मगर दोपहर के बाद कुछ संस्थान खुलने शुरू हुए.

इस दौरान एमपी नगर के ज्योती टॉकीज चौराहे के निकट दुकान बंद करने को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई. यहां बंद का मिला जुला असर रहा. यही स्थिति गोंविंदपुरा मार्केट में भी रही. जहां दुकानदारों और बाजार बंद कराने वाली टोलियों के साथ मामूली नोंक झोंक हुई.

पुराने शहर के चौक बाजार, लोहा बाजार, जुम्मेराती, घोड़ानिक्कास, बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज, नये शहर के न्यू मार्केट, दस नंबर मार्केट सहित सभी बाजारों में बंद का व्यापक असर देखने को मिला.

आईजी बोले- पुलिस की गोली से नहीं हुई कोई मौत

मध्य प्रदेश में भारत बंद के दौरान भडक़ी हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई. पुलिस का दावा है कि किसी भी व्यक्ति की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई है. आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि मौत का आंकड़ा बढ़ भी सकता है. स्थिति को नियंत्रण करने के लिए ग्वालियर, भिंड और मुरैना में अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया गया है.

पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी व्यक्ति की मौत पुलिस फायरिंग में नहीं हुई है. आईजी देउस्कर ने बताया कि दो गुटों में फायरिंग हुई, जिसमें लोगों की मौत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि इंटेलिजेंस से अलर्ट के निर्देश जिलों को दिए गए थे.

बसें नहीं चली

भारत बंद के दौरान सोमवार को सुबह से ही शहर की सभी सिटी बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई.बसे नही चलने के कारण दिन भर आमजन परेशान हुए.

पुलिस अफसरों की हुई देर रात आपात बैठक

भारत बंद के दौरान प्रदेश के भिंड व अन्य स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं के मद्देनजर सोमवार की रात को पुलिस के आला अफसरों की आपात बैठक हुई.

बैठक में आईजी भोपाल जयदीप प्रसाद, संभागायुक्त अजात शत्रु श्रीवास्तव कलेक्टर सुदाम पी.खाड़े,एडीएम जीपी माली, सहित अनेक आला अफसर मौजूद थे. बैठक में लॉएण्ड आर्डर की स्थिति लेकर चर्चा हुई. बैठक में आला अफसरों ने शहर में किसी भी तरह की कोई आपात स्थिति पर कड़ी निगाह रखने और बतौर सावधानी बरतने के निर्देश दिए.

Related Posts: