shahabuddinनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई 28 सितम्बर तक के लिए आज स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय पीठ ने शहाबुद्दीन के वकील द्वारा याचिकाकर्ताओं चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू तथा बिहार सरकार के आरोपों के जवाब के लिए कुछ समय और मांगे जाने पर बुधवार तक के लिए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

शहाबुद्दीन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के पैरवी करने की खबर थी, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं थे। एक अन्य वकील ने मामले में शहाबुद्दीन की पैरवी शुरू की और कहा कि उनके मुवक्किल मीडिया ट्रायल के शिकार हो रहे हैं। उनके मुवक्किल को मीडिया निशाना बना रहा है। उन्होंने पीठ से अनुरोध किया कि मामले में जवाब के लिए उन्हें कुछ और वक्त दिया जाये, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनसे पूछा कि क्या वह अपने मुवक्किल के खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों के बारे में जानते हैं।

न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई शीघ्र चाहता है और बुधवार तक का ही समय वह बचाव पक्ष को दे सकता है। पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। इससे पहले सुनवाई के दौरान चंदा बाबू के वकील प्रशांत भूषण ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को कहा कि शहाबुद्दीन पर कुल 45 मामले दर्ज हैं जिनमें से नौ हत्‍या के हैं और 10 में उसे अपराधी ठहराया गया है।

अगर वह जमानत पर बाहर रहा तो समाज के लिए यह बड़ा खतरा हो सकता है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी ने बहस में हिस्‍सा लिया। इसके बाद शहाबुद्दीन के वकील ने अदालत से मामले में जवाब पेश करने के लिए कुछ और मोहलत मांगी थी।

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