mp3गुना,  बचपन बचाओ अभियान के जनक एवं नोबेल पुुरुस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी का मानना है असहमति के बावजूद सौहार्द ही भारत की ताकत है.

श्री सत्यार्थी अपने एक दिवसीय गुना आगमन के दौरान गांधी वोकेशनल महाविद्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे, इस दौरान देश में असहिष्णुता को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं से जुड़े सवालों पर श्री सत्यार्थी ने कहा कि भारत ही एकलौता ऐसा देश है, जहां मत विभिन्नता, धर्म विभिन्नता और किसी मुद्दे विशेष पर भी सहमति-असहमति का वातावरण निर्मित होने के बावजूद सब साथ रहते है. यहीं भारत की सच्ची ताकत है, विचार भी अलग होने पर प्रेम का वातावरण बना रहता है. हालांकि असहिष्णुता के मुद्दे पर ही साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाए जाने के सवाल को सत्यार्थी टालते नजर आए.

बार-बार कुरदने पर उन्होने इतना अवश्य कहा कि वो बहस तो अब खत्म हो चुकी है और अगर इस मुद्दे पर सवाल करना है तो जिन्होने सम्मान लौटाया है, उन्ही साहित्यकारों से करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मसले और हाल ही में पठानकोट पर हुए हमले को लेकर नोबेल पुरुस्कार सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा दुनिया में बहुत सारी समस्याएं है और उन्ही में से एक है आतंकवाद. आतंकवाद का कारण अंतर्राष्ट्रीय नीतियों की विफलता है. दुनिया में कहीं भी स्थाई शांति तभी आ सकती है जब शांति के लिए स्थाई प्रयास भी होने चाहिए, जो अब तक नहीं हुए है .

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