जनजातीय संग्रहालय में हुआ आयोजन

भोपाल,

जनजातीय संग्रहालय में परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित श्रृंखला उत्तराधिकार में आज कलाकारों ने उपशास्त्रीय गायन एवं मोहिनीअट्टम समूह नृत्य की प्रस्तुतियाँ संग्रहालय सभागार हुईं.

आज की संगीत सभा में ग्वालियर घराने के गायक सज्जनलाल भट्ट सरंग एवं उनकी शिष्या दीप्ती गेड़ाम परमार ने शास्त्रीय, उपशास्त्रीय गायन परम्परा के नवनिर्मित राग और संगीत के विभिन्न पहलुओं के प्रदर्शन से हुई.

चतुरंग पर आधारित इस सभा में आपने संगीत के चार अंगों को प्रस्तुत किया. जिसमें सर्वप्रथम विलंबित ख्याल एकताल में निबद्ध नवनिर्मित राग, अनंत कल्याण की रचना, बरजो जसोदा नहीं माने कान्हा और द्रुत ख्याल एक ताल में एसो नटखट बलमा मोरा की प्रस्तुति दी.

परंपरागत बंदिशों की प्रस्तुति देते हुए राग भोपाली तीन ताल में और राग दरबारी रूपक ताल में निबद्ध रचनाओ को अपने गायन से प्रस्तुत कियाए साथ ही कलाकारों ने ग्रीष्म ऋतु का वर्णन करते हुए उपशास्त्रीय एवं लोकगीतों की मिश्रित रचना चैती के साथ अपने गायन को विराम दिया.

आज की संगीत सभा में पं सज्जनलाल भट्ट ्रसरंग, भट्ट के साथ उनकी शिष्याओं में दीप्ती गेड़ाम परमार एवं प्रदक्षणा भट्ट ने गायन में साथ दिया. तबले पर निशांत शर्मा ने, हारमोनियम पर चैतन्य भट्ट ने एवं तानपुरे पर मिनाली जैन ने संगत की. में हुआ आयोजन

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