मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में अलग-अलग विभागों में शिक्षकों के अलग-अलग संवर्गों को खत्म कर उनका पूरे राज्य में एक ही संवर्ग (काडर) बना दिया. अब विभागों के शिक्षक शिक्षा विभाग के आधीन आ जायेंगे और उन सभी को एक से वेतन व अन्य सुविधायें मिलेंगी.

शिक्षक इस मांग के लिये पिछले 20 सालों से संघर्षरत् हैं. इस फैसले से लगभग तीन लाख शिक्षकों को शासकीय कर्मचारी दर्जा व लाभ मिल गया. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें यह काम करने का मौका मिला.

इसके तहत एक समान वेतन, ट्रांसफर हो सकेंगे, मातृत्व अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति, वेतन वृद्धि, बीमा पेंशन, ग्रेच्युटी व मेडीकल का लाभ मिलेगा. अब उनके सभी कार्य शिक्षा विभाग से ही होंगे. अभी तक इनकी नियुक्ति अलग-अलग विभागों से होती थीं. श्री चौहान को शिक्षकों को हजारों पद खाली पड़े हैं उन पर भी शिक्षकों की नियुक्तियां कर देनी चाहिए.