भोपाल,   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मिल बांचे मध्यप्रदेश अभियान के अंतर्गत आज शिक्षक के रूप में भोपाल में मैनिट परिसर में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में बच्चों को पढ़ाने पहुँचे।

श्री चौहान ने किस्से-कहानियों के माध्यम से बच्चों को जीवन में सफलता के सूत्रों का ज्ञान दिया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में आज दो लाख 15 हजार से भी अधिक प्रबुद्धजनों ने विभिन्न शासकीय विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार में पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया। बच्चों को अच्छे काम करने के लिये प्रेरित करते हुये श्री चौहान ने कहा कि उन्ही लोगों का जीवन सफल है जो स्वयं के साथ देश और समाज की उन्नति में भी सहयोगी हों। मुख्यमंत्री ने बच्चों को समझाया कि पुस्तकों से मिलने वाले ज्ञान को आचरण में उतारना चाहिये।

उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम करने के साथ ही खेलने और मित्रों के साथ समय व्यतीत करना भी जरूरी होता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छे अंक लाने के लिये प्रोत्साहित करते हुए बताया कि 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले बच्चों की स्नातक स्तर की शिक्षा के लिये अब फीस सरकार द्वारा भरवायी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी शैली में बच्चों को जीवन के लिए जरूरी ऑक्सीजन की आवश्यकता, उसकी आपूर्ति के स्त्रोत, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई एवं प्रदूषण के दुष्प्रभावों को समझाते हुये बताया कि तेजी से बढ़ता तापमान प्राकृतिक आपदाओं का जनक है। यदि वृक्षों को काटना और जल स्त्रोतों का प्रदूषण रोका नहीं गया तो मानव जीवन संकट में पड़ जायेगा। उन्होंने मौसमी बीमारियों के लिये आस-पास साफ-सफाई रखने और गंदगी नहीं करने की शिक्षा दी।

उन्होंने कक्षा में बच्चों को पक्षी और बहेलिये की, सत्यवादी युधिष्ठिर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रेरक प्रंसगों की कहानियां सुनाईं। मुख्यमंत्री ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और विद्यालय प्रांगण में पौधा रोपित किया।

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