pranabनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज शिक्षक दिवस के मौके पर एक अध्यापक की तरह राष्ट्रपति भवन स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय में छात्रों को ‘भारतीय राजनीति का इतिहास’ पढ़ाया। श्री मुखर्जी ने कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 80 छात्रों को ‘भारतीय राजनीति का इतिहास’ विषय पर लगभग एक घंटे का व्याख्यान दिया।

उन्होेंने आजादी के बाद भारतीय राजनीति के इतिहास और उसके विकास के बारे में बताने के साथ-साथ देश और दुनिया में आतंकवाद के बढ़ते खतरे के बारे में बताया। वर्ष 1969 में राजनीति में आने से पहले श्री मुखर्जी एक कॉलेज में प्रोफेसर और पत्रकार थे। पिछले वर्ष भी राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के मौके इसी स्कूल के बच्चों को पढ़ाया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अाग्रह पर श्री मुखर्जी बच्चों को पढाने के लिये तैयार हुये।

इससे पहले कल राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश भर के शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुये अपने संदेश में कहा, “शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं देश के शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस ऐसा अवसर है, जब हम राष्ट्र निर्माण में अपने शिक्षकों की समर्पित सेवा को पहचान देते हैं। ये शिक्षक हमारे बच्चों की बौद्धिक एवं नैतिक बुनियाद तैयार करने एवं इसे मजबूती प्रदान करने में जुटे हैं।”

उन्होंने मजबूत शिक्षा प्रणाली को प्रबुद्ध समाज का आधार करार देते हुए कहा कि प्रेरणादायी शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तिगत लक्ष्य को सामाजिक एवं राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा, “जरूरत है कि हमारे शिक्षक बच्चों में त्याग, सहिष्णुता, बहुलवाद, समझ एवं करुणा के मूल्य विकसित करें।

पढ़ने-पढ़ाने के मामले में आधुनिक एवं प्रभावी रुख अख्तियार करने के वास्ते तकनीक एवं नये तौर-तरीकों को भी आजमाये जाने की आवश्यकता है।” उन्होंने इस अवसर पर सम्पूर्ण शिक्षक समुदाय को देशवासियों की ओर से शुभकामनाएं दी।

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