rajnathअजमेर,  केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने छात्रों का आह्वान किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल धन अर्जन के लिये ही नहीं अपितु राष्ट्र की सम्पन्नता और समृद्धि के साथ चरित्र निर्माण के लिये हो।

श्री सिंह ने आज मेयो कालेज के वार्षिकोत्सव में छात्रों को पुरस्कार वितरित करते हुये कहा कि छात्रों को यह समझना चाहिये कि ज्ञान और धन से ही जीवन का सुख नहीं मिलता बल्कि सबसे बडा सुख चरित्र निर्माण से हासिल हो सकता है।

उन्होंने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुये कहा कि वे ज्ञान प्राप्ति के लिये सभी भाषाओं का अध्ययन करें तथा देश की परम्परा , संस्कृति और भाषा को नही भूलें।

उन्होंने कहा कि भाषा एवं संस्कृति ही एकमात्र ऐसा साधन है जिससे भारत विश्व में पुन: अपनी प्रतिष्ठा को बढा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल भौतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि ज्ञान से हासिल क्षमता , योग्यता और बुद्धि का उपयोग आत्मिक सुख हासिल करने के लिये करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मान , सम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता नही करना चाहिये। उन्होंने सीमाओं का उदाहरण देते हुये कहा कि वहां तैनात जवान चाहे वह किसी भी धर्म और समुदाय का हो सारे भेदभाव भुलाकर सदैव देश की रक्षार्थ में खडा रहता है।

उन्होंने राष्ट्रीयता की भावना के प्रति स्वत्रंतता सैनानियों चन्द्र शेखर आजाद और अशफाक उल्ला खां के त्याग का उदाहरण देते हुये कहा कि छात्रों को अपने अर्जित ज्ञान से त्याग का महत्व भी समझना होगा तभी उनके ज्ञान और बुद्धि का लाभ देश को मिल सकता है।

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