ujjain1उज्जैन,  मोक्षदायिनी सलिला शिप्रा की आरती के दौरान लाखों श्रद्धालु एक साथ हाथ उठाकर मंा शिप्रा का सम्मान प्रदर्शित करते हैं । एक ओर जहां घाटों में सायंकालीन भजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है वहीं उपस्थित श्रद्धालु भाव-भक्ति के संसार में खो जाते हैं ।

दूधिया प्रकाश एवं जगमगाते दीपों की छाया जैसे ही मां शिप्रा के जल पर पड़ती है तो लगता है कि स्वर्ग से साक्षात देवता उतर कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं । प्रतिदिन सांयकाल राम घाट एवं दत्त अखाडा घाट में आयोजित होने वाली शिप्रा महाआरती का देशभर से आये श्रद्धालु घंटों इंतजार करते हंै।

शहडोल से आये अखिलेश नामदेव ने बताया कि वे परिवार के साथ सिंहस्थ में आये थे । उन्होने कहा कि वे बाबा महाकाल के दर्शन के साथ ही माँ क्षिप्रा की आरती में शामिल होकर अपने को धन्य मानते हैं। इसी प्रकार नीमच से आये यशवंत कुमावत ने बताया कि वे अपने पूरे परिवार के साथ उज्जैन प्रवास के दौरान मॉं क्षिप्रा की दैनिक आरती में भाग लेना नही भूलते हैं ।

मॉं क्षिप्रा की आरती के दौरान आम जनमानस को नदी संरक्षण, स्वच्छता अभियान एवं उसके महत्व, जल-संरक्षण एवं प्रबंधन तथा हरियाली से खुशहाली के प्रति जागरूक किया जाता है। सामाजिक समसरता, बेटी बचाओ अभियान, नारी सम्मान आदि का संदेश एक साथ एक स्थान से श्रद्धालुओं के माध्यम से देश के कोने-कोने तक पहुँचाया जा रहा है।

Related Posts: