shivraj_cabinetभोपाल,  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपनी तीसरी पारी का बहुप्रतीक्षित पहला मंत्रिमंडल पुनर्गठन करते हुए इसमें में 9 नए सदस्य शामिल किए हैं और दो की विदाई कर दी गयी है. इनमें चार कैबिनेट और पांच राज्यमंत्री शामिल हैं, जिनमें से तीन पहले भी मंत्री रह चुके हैं. हटाये गये मंत्री हैं: बाबू लाल गौर और सरताज सिंह, जिन्हें बढ़ती उम्र के नाम पर हटाया गया है.

राज्यपाल रामनरेश यादव ने आज राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. नए कैबिनेट मंत्रियों में अर्चना चिटनीस, रुस्तम सिंह, ओमप्रकाश धुर्वे एवं जयभान सिंह पवैया और राज्यमंत्रियों में विश्वास सारंग, ललिता यादव, सूर्यप्रकाश मीणा, हर्ष सिंह एवं संजय पाठक शामिल हैं. अर्चना चिटनीस, रुस्तम सिंह, ओमप्रकाश धुर्वे पहले भी प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार विजय हासिल की थी और उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर 14 दिसंबर 2013 में तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण की थी. इसके एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का गठन करके 18 कैबिनेट और चार राज्य मंत्रियों को शामिल किया. इसके बाद से राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार या पुनर्गठन को लेकर समय-समय पर अटकलबाजियां चलती रहीं. आज मंत्रिमंडल पुनर्गठन के साथ उस पर विराम लग गया.

नए बने राज्यमंत्री विश्वास सारंग, हर्ष सिंह, संजय पाठक, ललिता यादव और सूर्यप्रकाश मीणा पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं. संजय पाठक को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने का इनाम मिला है. पाठक 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर कटनी जिले की विजय राघवगढ़ सीट से जीते थे. उन्होंने 2014 में कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था. अगस्त 2014 में विजय राघवगढ़ में हुए उपचुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजय प्राप्त की थी.

विश्वास सारंग भोपाल के नरेला से दूसरी बार विधायक बने हैं. उनके पिता कैलाश नारायण सारंग की गिनती प्रदेश में भाजपा के सबसे दिग्गज नेताओं में होती है. हर्ष सिंह पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह के पुत्र हैं और सतना जिले से अपने परिवार की पारंपरिक सीट रामपुर बघेलान से जीत कर आए हैं. वह राष्ट्रीय समानता दल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. ललिता यादव छतरपुर सीट से दूसरी बार जीत कर आई हैं. सूर्यप्रकाश मीणा भी डिंडोरी जिले के शहपुरा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीते हैं.

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