omkareshwarओंकारेश्वर,  शिवरात्रि महापर्व पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में करीब एक लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र नर्मदा नदी में डुबकी लगा कर पूण्य लाभ अर्जित किया। यहां के सभी घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, विशेषकर संगम घाट और नागर घाट पर भारी भीड़ रही।

महाशिवरात्रि पर तीर्थनगरी में जगह-जगह फरियाली प्रसाद का वितरण किया गया और फरियाली भंडारा आयोजित किए गए। परिक्रमा मार्ग में मां आनंदमई विद्यापीठ, राजराजेश्वरी संस्थान, श्री परशुराम आश्रम बर्फानी धाम तथा ब्रहमपुरी में गजानन भक्त निवास कोठी में ओम नम: शिवाय मिशन,श्री अन्नपूर्णा आश्रम,श्री जोड़ गणपति हनुमान मंदिर, सन्यास आश्रम पर फरियाली भंडारे का प्रसाद वितरण हुआ।

शिवरात्रि पर ओंकार पर्वत की श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की एवं ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में चने की दाल चढ़ाई। मान्यता है कि पिछले जन्म के ऋणों से मुक्ति मिलती है। यहां पर सिंहस्थ महापर्व के लिए 2 करोड़ की लागत से बन रहे नविन घाट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। यह घाट सीधे नए बस स्टेण्ड से जुड़ेगा। यहां से पोल्टूनपुल भी बनेगा जो परिक्रमा मार्ग से जोड़ा जाएगा।
सोमवार को प्रात: 3.00 बजे ज्योर्तिलिंग भगवान ओंकारेश्वर का मंदिर दर्शनों के लिए खोल दिया गया। मंदिर खुलने के साथ ही शिव भक्तों की भीड़ मंदिर पहुंचने लगी मंदिर प्रशासन ने 6.00 बजे प्रात: तक जल एवं पूजा सामग्री चढ़ाने की अनुमति दी थी ।

इसके बाद 6.00 बजे से जल और पूजा सामग्री सीधे चडाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था । प्रात: 3.00 बजे से स्थानीय निवासी एवं श्रद्धालु मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना करते रहे ओंकारेश्वर तीर्थ दर्शन संत मंडल के संत गण नर्मदा जी में शाही स्नान कर ढोल धमाकों के साथ नगर में जुलूस के रुप में ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे और ज्योतिलिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन किए । इनमें महामंडलेश्वर धर्मेंद्र पुरी जी एवं मेहनत भुवनिपुरीजी अन्य संत थे।

वही श्रद्धालुओं को पुराने पुल से ओंकारेश्वर मंदिर भेजा जा रहा था । एवं दर्शन के बाद झूला पुल से भेजा गया । एकांगी मार्ग बनने का यातायात व्यवस्था रखी गई । ओमकार पर्वत के सभी प्राचीन शिव मंदिर में भक्तों की भीड देखी गई ।

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