रूद्राभिषेक किया, आशीर्वाद लिया और भाषण नहीं प्रवचन दिए मुख्यमंत्री ने,

सागर 29 अप्रैल नससे. गृहस्थ संत पं. देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी के सानिध्य में सागर जिले के ग्राम बामौरा में 28 अप्रैल से सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण का धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ है । इस धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिवस आज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्मपत्नी मती साधना सिंह के साथ सम्मिलित होकर पार्थिव शिवलिंग का पवित्र नदियों के जल और पंचामृत से सपत्नीक रूद्रभिषेक किया और दद्दाजी से आर्शीवाद प्राप्त किया । इस अवसर पर उन्होंने परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह के पिता स्व. दीवान अमोल सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया ।

29.04sag03बुधवार को ग्राम बामौरा में सपन्न 104वां पार्थिव शिवलिंग निर्माण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मिट्टी से शिवलिंग के निर्माण में इतना तल्लीन हो जायें कि स्वयं को भी शिव की तरह सरल, सरस, निष्कपट और भोला भाला इंसान बना लें, जिससे हर कोई प्रेम करें और सब उसे प्रिय लगें । मुख्यमंत्री ने कहा कि परमात्मा की भक्ति के तीन मार्ग है । पहला मार्ग है ज्ञान, जिससे अच्छे और सद्ज्ञान को प्राप्त कर समाज को सत्मार्ग पर चलने का ज्ञान प्रसारित करें । दूसरा मार्ग भक्ति का है और इस मार्ग में हनुमानजी और भक्त मीराबाई की तरह समर्पण से भक्ति करना होगी जिससे परमात्मा मिल सकते है । तीसरा मार्ग कर्म है, जिससे परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है, इसके लिये समाज के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिये कि उसे जो काम मिला है वह जिस पद पर पदासीन है, उसके उत्तरदायित्व, पूरी ईमानदारी, मेहनत और निष्ठा के साथ निभायें । मुख्यमंत्री ने कहा कि परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है, इसलिये दूसरो की भलाई के लिये काम करें, तो भगवान स्वयं मिल जायेंगे । शरीर, मन व कर्म से सपने में भी ऐसे कोई काम ना करें जिनसे दूसरो को कष्ट पहुंचे । इस धरती पर जितना जीवन मिला है उस समय को दूसरो की सेवा में लगायें, शरीर पंचतत्व से बना है, शरीर का अभिमान ना करें । मन में कोई दम्भ ना हो, शरीर नष्वर है वह एक दिन मिट जायेगा इसलिये परोपकार करें । भगवान शिव ने दुनिया को बचाने और दूसरों की भलाई के लिये समुद्र मंथन से निकले जहर को अपने कंठ में धारण किया था । ऐसे परोपकारी भोले भण्डारी की तरह अपने आपको भी दूसरों की भलाई के लिये तत्पर रखें । मुख्यमंत्री ने संत देवप्रभाकर शास्त्री गुरूदेव से आर्शीवाद मांगा कि वे उन्हें सद्बुद्धि दें कि शिवराज सदैव सद्मार्ग पर चले और कभी भी सद्मार्ग से भटके नहीं । प्रदेश और देश को विकास के पथ पर आगे ले जा सके।
दीवान अमोल सिंह की प्रतिमा का अनावरण-प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज ग्राम बामौरा में परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर के पिता गौ-लोकवासी स्व. दीवान अमोलसिंह की प्रतिमा का अनावरण किया ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने मातृ ऋृण एवं पितृ ऋृण से मुक्त नहीं हो सकता । कई लोग बड़े होकर अपने माता-पिता को यथा हाल छोड़कर उन्हें भूल जाते है । किन्तु भूपेन्द्रसिंह ने अपने स्वर्गीय पिताजी के प्रति प्रेम श्रृद्धाभाव को प्रकट करने का अनुकरणीय कार्य किया है मैं उनकी सराहना करता हूं । पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रूद्धाभिषेक एवं मूर्ति अनावरण समारोह अवसर पर परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्श 2012 में दद्दाजी के सानिध्य में यहां सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण का यज्ञ हुआ था । तभी से दद्दा जी से लगातार इस आयोजन को कराने की प्रार्थना शिष्य मण्डल करता आ रहा है । अब 104वें आयोजन में पहले दिन ही श्रद्धालुओं ने 5 करोड़ 28 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण का कीर्तिमान स्थापित किया है । आपने स्वर्गीय अमोलसिंह जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि वे बेहद सादगी पसंद व्यक्ति थे । जिले के सबसे बड़े किसान होने के बावजूद पूरा जीवन उन्होंने सादगी से जीया है ।

उन्होंने अपना मकान भी स्कूल के लिये दे दिया था । समाज में कुरीतियों के विरोध स्वरूप यह भी निर्णय लिया कि जिस शादी में राई होगी वे शामिल नही होगे । उन्होंने कहा कि उनके स्वर्गीय पिता ने 24 एकड़ जमीन मन्दिर के लिये देने का निर्णय भी लिया था और यह रूद्र मैदान के रूप में विकसित हुई है इस जमीन पर ही उनकी प्रतिमा स्थापित कराई गई है । भूपेन्द्रसिंह ने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन सामाजिक समरसता को ध्यान में रखकर हुआ है । जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग व तबके के लोग यहां उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं ।

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