सिरसा,  डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के एक पूर्व चेला हंसराज चौहान ने आज डेरा प्रमुख पर अपने शिष्यों को भगवान की सीधी प्राप्ति और भक्तिमार्ग में मन लगने का झांसा देकर नपुंसक बनाने का आरोप लगाया है।

हंसराज ने दावा किया कि राम रहीम के कहने पर उसे भी नपुंसक बना दिया गया था जिसके बाद वह घर चला गया। उसके मुताबिक राम रहीम का सुंदर युवतियों के हुस्न से खेलना पुरानी फितरत है। अय्यासी प्रवृति के डेरा प्रमुख ने जहां डेरा में रह रही सुंदर साध्वियों को अपनी हवश का शिकार बनाया वहीं स्कूलों में शिक्षा ग्रहण के नाम पर डेरा के भरोसे छोड़ी गईं काफी युवतियां भी उसकी चंगुल से बच नहीं पाई।

हंसराज ने बताया कि वर्ष 2002 में एक यौन पीड़ित साध्वी ने गुमनाम पत्र से आपबीती उजागर की तो केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दौरान 24 साध्वियां जांच ट्रेक में आई मगर इनमें से 22 साध्वियों ने शादी हो जाने या फिर सामाजिक लज्जा के मारे चुप्पी साध ली। डेरा प्रमुख की इच्छा का विरोध करने वाली काफी युवतियां डेरा और

छात्रावासों से आज गायब हैं या फिर आत्महत्या कर लीं,जो स्वयं में गंभीर जांच का विषय है।

हंसराज ने हाल ही में हुए तलाशी अभियान के दौरान नर कंकाल ना निकाल पाने को लेकर सवालिया निशान खड़ा किया है। दो सौ एकड़ में बने डेरा को दो रोज में ही खंगालना जांच पर सदेंह पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में सरकार की नीयत ठीक होती तो बहुत से चौंकाने वाले तथ्य उजागर होते।

पूर्व साधु का कहना है कि तलाशी रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश होने के बाद बची खामियों को लेकर वह एक बार फिर डेरा के प्रबधंक मंडल व उससे भीतर खाते जुड़े प्रशासनिक अधिकारियोंं को लेकर वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान में देरी सरकार की सोची समझी चाल है।

पूर्व साधु ने अपने खुलासे में कहा है कि गुरमीत राम रहीम की हनीप्रीत के प्रति नियत आरम्भ से ही खोटी थी। हनीप्रीत की विश्वास गुप्ता से शादी का सारा खेल डेरा प्रमुख ने ही रचा। डेरा प्रमुख प्रिंयका उर्फ हनीप्रीत की शादी के समय दुल्हे विश्वास गुप्ता के साथ पूरा सज धजकर घोड़ा बग्गी पर साथ बैठकर आया जबकि आज तक ऐसा नहीं हुआ। लम्बा समय बीत जाने के बाद डेरा प्रमुख की पुत्रवधू बहू हुस्नप्रीत ने इसका विरोध शुरू किया तब परिवार

में माहौल बिगड़ा और वह अपने मायके बठिंडा जा बैठी। काफी मनुहार के बाद उसे लाया गया मगर वह बाबा के कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखने लगी।

पूर्व साधू ने बताया कि वह लम्बे समय तक बाबा के साथ रहा। डेरा प्रमुख जब कभी भी अन्यत्र जाते तो हनीप्रीत का तम्बू भी बाबा के तम्बू के पास ही लगता था। जिससे बाबा के हनीप्रीत से सबंधों की सुगबुगाहट अक्सर डेरा प्रेमियों में रहती थी मगर डेरा प्रमुख हनीप्रीत में इतना मस्त था कि किसी की कभी कोई परवाह नहीं कि अगर किसी ने मुंह खोला तो उसको सातवें आसमान पर पहुंचाकर डेरा में बाबा की गुफा के समीप चार नंबर मोटर के पास सुबह चार बजे से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया जाता था।

हंसराज ने दावा किया वर्ष 1996 से ही डेरा में करीब 50 से अधिक साध्वियों और हॉस्टल की नाबालिग छात्राओं तक से रेप हुए जिनमें से कईयों ने मारे शर्म के सुसाईड कर लिया जिनका सुराग आज तक नहीं लग पाया है।

हंसराज ने बताया कि नपुंसकता का मामला हरियाणा पंजाब उच्च न्यायालय में विचाराधीन है जिसकी अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी। हसंराज को साध्वियों मामले में मिली सजा के बाद उम्मीद बंधी है कि उनके केस में भी बाबा को अवश्य सजा मिलेगी। हंसराज ने अपनी जान पर खतरे की भी आशंका व्यक्त की है।

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