श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के निधन पर श्रद्घांजलि

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के निधन पर गहन दुख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा है कि कहा है कि तिवारी संसदीय मामलों के ज्ञाता थे. उनका प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. चौहान ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है. साथ ही शोक संतृप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना भी व्यक्त की है.

मेरे साथ ही अन्य अनेक विधानसभा सदस्यों ने श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी की कार्य-प्रणाली से विधानसभा में कार्य संचालन का तरीका और सदन चलाने की प्रक्रिया जैसी संवैधानिक बातें सीखी हैं.विधानसभा सदस्यों ने तिवारी से जो ज्ञान अर्जित किया है, वो अनेक सदस्यों के लिए पूंजी के समान है.उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में भी तिवारी की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी.
डॉ. नरोत्तम मिश्र,
जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री

श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के निधन से विंध्य की राजनीति के एक युग का अवसान हो गया है. उनका लंबा राजनीतिक जीवन अविस्मरणीय रहेगा. वे सच्चे अर्थों में एक जन-नायक थे, जनता के हित को उन्होंने सदैव सर्वोपरि रखा.
राजेन्द्र शुक्ल, उद्योग मंत्री

हम सभी के मर्गदर्शक एवं मप्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री निवास तिवारी जी के दुखद निधन पर उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि. इस दु:ख की घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ की दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को शक्ति प्रदान करें.
ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद, पूर्व मंत्री

श्री श्रीनिवास तिवारी ने प्रदेश के लिये बहुमूल्य योगदान दिया है.
दीपक जोशी,
मंत्री, तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार)

वे कुशल राजनेता थे मध्यप्रदेश और विंध्य क्षेत्र के विकास में उनका विशेष योगदान रहा. उनके निधन से मध्यप्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ खोया है. श्री तिवारी एक लगनशील एवं कर्मठ नेता थे, उनके निधन से विंध्य क्षेत्र अब सूना हो गया है. उनकी रिक्तता की भरपाई नहीं हो सकती.
नंदकुमारसिंह चौहान,
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, सांसद

प्रदेश ने एक कद्दावर राजनेता और विंध्य की आवाज को खो दिया है. श्री श्रीनिवास तिवारी एक जुझारू और कर्मठ नेता थे. वे विंध्य की जनता की आवाज थे. समाजवादी विचारधारा के साथ उन्होंने जीवनपर्यन्त मुखरता से आम आदमी की आवाज को बुलंद किया. वे मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने रौबदार स्वभाव के कारण सफेद शेर के रूप में संबोधित किए जाते थे.
अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष