नई दिल्ली,  श्रीराम सिटी यूनियन फाइनैंस का एकीकृत मुनाफा मार्च तिमाही में 60.63 प्रतिशत गिरकर 61.16 करोड़ रुपये पर आ गया। ऐसा मुख्यत: वसूल नहीं हो रहे ऋणों (एनपीए) के लिए पूंजी प्रावधान में भारी बढ़ोतरी और ऋण को बट्टे-खाते में डालने के कारण हुआ।

चेन्नई की कंपनी को पिछले साल की इसी अवधि में 155.38 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। श्रीराम सिटी यूनियन ने बंबई शेयर बाजार को बताया कि जनवरी-मार्च की अवधि के लिए परिचालन से होने वाली कुल आय 11.29 प्रतिशत बढ़कर 1,022.9 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की इसी अवधि में 919.12 करोड़ रुपये थी।

समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का पूंजी प्रावधान और बट्टे-खाते में डाली जाने वाली राशि दोगुनी बढ़कर 258.23 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल 107.96 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2015-16 का मुनाफा 552.07 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल 571.41 करोड़ रुपये था। कंपनी की आय 2015-16 में बढ़कर 3,998.19 करोड़ रुपये रही जो 2014-15 में 3,561.7 करोड़ रुपये थी। कंपनी के निदेशक मंडल ने 10 रुपये प्रति शेयर का लाभांश देने की सिफारिश की है।

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