चेतक ब्रिज जीर्णोद्धार व चौड़ीकरण कार्य बना आमजनों की परेशानी का सबब

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी के अति महत्व के भेल क्षेत्र और नये व पुराने शहर को जोडऩे वाला एक मात्र चेतक ब्रिज इन दिनों आमजनों की परेशासन का सबब बना हुआ है. बेतरतीब तरीके से चल रहा यह जीर्णोद्धार इन दिनों खतरनाक बना हुआ है.

जो ब्रिज के संकरे रास्ते और जर्जर सुरक्षा घेरे के चल रहा यह कार्य यहां से खुजरने वालों को मौत का खुला आमंत्रण दे रहा है.अगर ऐसे ही ब्रिज जीर्णोद्धार कार्य की बेतरतीबढंग व्यवस्थाएं जारी रही तो किसी बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है. जानकारी के मुताबिक चेतक ब्रिज के चौड़ीकरण व नवीनीकरण कार्य की शुरूआत गत 2017 से किया जा रहा है.

रेलवे प्रशासन ने इस कार्य का जिस निर्माण ऐजेंसी को दिया है. वह बीते अक्टूबर माह से इस कार्य को कर रही है. साढ़े पांच करोड़ की लागत से हो रहे इस चौड़ीकरण कार्य के तहत दोनों ओर निर्माण कार्य जारी रही.

इस कार्य के चलते निर्माण एजेंसी ने यहां की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चौपट बना दिया है.यह कार्य मई माह तक पूर्ण करने का रेलवे प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है. इस ब्रिज को दोनों ओर 63.44 मीटर और चौड़ाई 4.95 मीटर है. अतिरिक्त निर्माण कर इसका नवीनीकरण कर रहा है.जो सौ वर्ष के लिए होगा.

सडक़ के दोनों ओर फैली है अव्यवस्था

चेतक ब्रिज के दोनों ओर टुकड़े-टुकड़े में चल रहे चौड़ीकरण कार्य के कारण निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने रोड को पूरी तरह संकरा कर दिया है. इससे यहां से निकलने वाले राहगीरों को खासी परेशानियां उठानी पड़ रही है. पुल के ट्रेन गुजरने वाले हिस्से में दोनों ओर अस्थाई तौर पर लगाई रैलिंग भी ऐसी रखी गई है. कि जरा भी किसी वाहन के अनियंत्रित होने पर बड़ी दुर्घटना का अंदेशा यहां हर गुजरने वाले के मन में बना रहता है.

गर्डर रखने का कार्य अटका

नवीनीकरण कार्य के तहत र्गार रखे जाने के काम को दिल्ली रेलवे प्रशासन की गुणता नियंत्रण टीने ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसकी जांच अभी शेष है. इसके बाद ही गर्डर रखने के लिए ट्रेनों का ब्लाक लेने व आगे के कार्य की मंजूरी मिलेगी.

हर कभी लग जाता है जाम

ब्रिज से गुजरने वाले राहगीर रोजना ही सुबह और शाम के समय यहां जाम में फस जाते है. क्योंकि रोड संकरा होने के कारण इधर ज्योती टॉकीज चौराहे पर चारों ओर और अन्ना नगर तिराहे पर रोज जाम की स्थिति हमेशा ही रहती है.यातायात अमले को सुबह शाम यहां व्यवस्थित संचालन के लिए भारी मशक्कत करना पड़ती है.

गार्डर रखने का कार्य दिल्ली की गुणवत्ता नियंत्रण तकनीकी निरीक्षण टीम ने रूकवाया था. इसके पीछे की वजह महाराष्ट्र और अन्य एक स्थान पर ऐसे ही निर्माण के दौरान हादसे की जानकारी प्रकाश में आने के कारण रोका गया था.

अब यह कार्य एक दो दिन में ही करवाया जायेगा. जहां तक अस्थाई रैलिंग की बात है तो वह यातायात की दृष्टि से सुरक्षित है. यहां से रूट डायवर्ट करवाने का कार्य गार्डर रखने के समय दो तीन घंटे के लिये ही किया जावेगा. बाकि समय आम राहगीरों को रोड बंद कर परेशान नही किया जा सकता.
-शोभन चौधरी , डीआरएम भोपाल

राहगीर बोले

ब्रिज से गुजरने वाले बैरागढ़ के सिविल लाइन क्षेत्र के निवासी मुकेश ,अशोका गार्डन बी सेक्टर के हरीश गुप्ता,यही के विजय,कैलाश नगर सेमरा के राजेश मालवीय सिंह सहित आधा दर्जन राहगीरों ने ब्रिज चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही बताया. राहगीरों का कहना था कि रोड यहां इतना संकरा है कि यहां से गुजरना खतरे से खाली नही है. पर क्या करे रोड चालू है तो यहां से ही निकलते है.

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