पिता ने लगाया स्कूल प्रबंधन पर आरोप

भोपाल,

टीटी नगर थाना अंतर्गत एक निजी अस्पताल में छह साल के मासूम की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई. चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की मौत दम घुटने से हुई है, वहीं मृतक के पिता ने स्कूल संचालक पर हत्या का अरोप लगाया है.

उनका कहना है कि बच्चा कार में बैठने में डरता था, लेकिन बतौर सजा उसे कार में चार घंटे के लिए संचालक ने बंद कर दिया था, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर केस डायरी होशंगाबाद भेज दी है. जानकारी के अनुसार नैतिक गौर पिता सुरेंद्र गौर उम्र 6 वर्ष निवासी ग्राम बगवाड़ा केजी-2 कक्षा का छात्र था.

वह घर का इकलौता बेटा था, जबकि उसकी बड़ी बहन पायल गौर तीसरी कक्षा की छात्रा है. दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. मृतक नैतिक के पिता के अनुसार उनके दोनों बच्चे सांई इंटरनेशनल स्कूल ग्राम ढेरिया में पढ़ते हैं. स्कूल लाने ले जाने के लिए उन्होंने वैन लगवा रखी है. नैतिक वैन से स्कूल जाने में डरता था, जिसे लेकर पूर्व में भी कई बार स्कूल संचालक बच्चे से मारपीट कर चुका था.

यह बात उन्हें बेटी पायल पूर्व में बता चुकी थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. स्कूल न जाने को लेकर वह हर रोज रोता था. 19 मार्च को स्कूल संचालक उत्कर्श अपनी प्राइवेट कार से नैतिक को लेने स्कूल पहुंचे थे, उसी दिन बेटी पायल की परीक्षा थी.

वह स्कूल पहुंचते ही अपनी कक्षा में चली गई थी, जबकि नैतिक वैन में ही बैठा रो रहा था. ड्राइवर उसे उतारने का प्रयास कर रहे थे, इसके बाद परीक्षा देकर जब पायल स्कूल के लॉन में पहुंची तो नैतिक बेहोश जमीन पर पड़ा था.

कार में किया था बंद

बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने नैतिक को होशंगाबाद स्थित नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां हालत बिगडऩे के बाद उसे भोपाल रेफर कर दिया गया था, रविवार सुबह नैतिक की रेनबो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उनका आरोप है कि कार में बंद करने की वजह से उसका दम घुट गया था, जिससे वह कोमा में चला गया था. पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम कर डायरी भेज दी गई है.