मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद महापंचायत बुलाने पर बनी सहमति

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संविदा कर्मचारियों की महापंचायत बुलाने और नियमितिकरण के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है.

अजीविका मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष लीलाधर अहीरवार ने हेगडी भवन में पत्रकारवार्ता में बताया कि 27 मार्च को भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री केपी सिंह, भारतीय मजदूर संघ के पूर्व महामंत्री एवं असंगठित कामगार बोर्ड शहरी एवं ग्रामीण के अध्यक्ष सुल्ताल सिंह शेखावत, और राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह गौरव के नेतृत्व में संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के कोर ग्रुप का प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की.

लीलाधर अहिरवार ने बताया कि प्रतिनिधी मंडल ने मुख्यमत्री के सामने अपनी मांगों को रखा जिसके बाद उन्होंने कर्मचारियों की सभी मांगों पर जिसमें विशेषकर संविदा कर्मचारियों की बहाली को हल करने के लिए अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में महापंचायत बुलाने का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद संविदा कर्मचारियों ने बैठक आयोजित कर अनिश्चिकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है.

गौरतलब है कि संविदा कर्मचारी करीब एक माह से राजधानी भोपाल में आंदोलनरत थे, उनकी प्रमुख मांगें जिसमें नियमितिकरण, संविदा कर्चारियों के लिए नीति निर्धारण करना एवं निष्कासितों की बहाली थी. मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधी मंडल में दिनेश सिंह तोमर संयोजक, लीलाधर अहिरवार प्रदेशाध्यक्ष अजीविका मिशन कर्मचारी संघ, एवं समस्त विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे.

वेतन विसंगति को लेकर कर्मचारी करेंगे हड़ताल

राजधानी में मंत्रालय कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी एवं लघु वेतन कर्मचारी संघ के तत्वावधान में यांत्रिकी भवन जोन-1 एम.पी. नगर में एक बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में लिपिकों की वेतन विसंगति दूर करने एवं सेवानिवृत्ति आयु सीमा सहित 23 अनुशंसाओं को लेकर चर्चा की गई एवं रणनीति बनाई गई.

बैठक में चारों संगठनों द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मांगों को लेकर 12-13 अप्रैल को दो दिवसीय हड़ताल कर्मचारियों द्वारा की जायेगी एवं शासन से जल्द मांगों को पूरा करने हेतु ज्ञापन सौंपा जायेगा.

मंगलवार को हुई बैठक में चारों संगठनों के पदाधिकारियों में सुधीर नायक, मनोज वाजपेई, सुरेश गर्ग, महेन्द्र शर्मा, लक्ष्मीनारायण शर्मा, विजय रघुवंशी, मोहन अय्यर, उमाशंकर तिवारी, राजकुमार पटेल, बी.पी. तिवारी, संजय दुबे, मेहबूब खान, जयदीप चौहान, टी.पी. अग्निहोत्री, आलोक शर्मा, आलोक वर्मा, संजय पुंडीर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.

सर्वेक्षण सहायक संघ कल से धरने पर

मध्यप्रदेश सर्वेक्षण सहायक संघ फिर अपनी मांगों को लेकर 29, 30, 31 मार्च तथा एक अप्रैल को अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन नीलम पार्क जहांगीराबाद भोपाल में करेगा. म.प्र. सर्वेक्षण सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन लोहिया का कहना है कि इस धरने में म.प्र. के 51 जिलों से लगभग दो हजार से तीन हजार सर्वेक्षण सहायक शामिल होंगे तथा आरोप लगाया कि जो नियम पुस्तिका में कार्य दिये गये हैं सर्वेक्षण सहायक से नियमित करवाये जावें एवं नियमित वेतन दिया जावे.

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकीय विभाग म.प्र. भोपाल ने वर्ष 2014 में एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से 6603 पदों पर परीक्षा आयोजित कर मेरिट के आधार पर चयनित किया गया परंतु पिछले 3 सालों में कोई काम नहीं दिया.

सरकार और संयुक्त मोर्चे की मिलीभगत से मोर्चे ने हड़ताल खत्म की है. मोर्चे के शीर्ष नेतृत्व ने घुटने टेके हैं, सभी संविदा कर्मियों ने नहीं. आधे से ज्यादा संविदा कर्मचारी हमारे संपर्क में हैं और हमारा समर्थन कर रहे हैं. मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी.
-राकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष भोपाल,
म.प्र.सं.स्वा. कर्मचारी संघ

Related Posts: