bpl2भोपाल,  माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के स्टे बावजूद प्रदेश के बिजली कंपनियों में पांच वर्षो से काम कर रहे, लाईन मेन, परीक्षण सहायक व अन्य कर्मचारियों ने वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2013 के चुनाव के समय घोषणा पत्र में किये गए नियमितीकरण के वायदे को पूरा नहीं करने पर बिजली संविदा कर्मचारियों ने बिजली प्रबंधन की अर्थी निकाली.

बिजली संविदा लाईन परिचालक, परीक्षण सहायक और इंजीनियिरों ने राजधानी स्थित बिजली मुख्यालय पर प्रदर्शन किया.

गौरतलब है कि बिजली संविदा कर्मचारी अधिकारी 14 मार्च से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुये थे.जिसमें प्रत्येक क्षेत्रीय कंपनियों के तकनीकी कर्मचारी अधिकारी शामिल हो रहे थे.भूख हड़ताल के तीसरे दिन प्रदेश की सभी कंपनियों के बिजली संविदा कर्मचारी अधिकारी एकत्रित हुए और उन्होंने मप्र. युनाईटेड फोरम पावर ईम्पलाईज एवं इंजीनियर्स के संयोजक इंजी व्हीकेएस परिहार तथा मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर एवं संविदा महासंघ की बिजली विभागीय इकाई के अध्यक्ष दीपक चैधरी के नेतृत्व मेें संविदा से हटाये जाने का विरोध किया तथा भाजपा के घोषणा पत्र में किये गये बिजली संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के वादे को पूरा करने की मांग की.

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