एनएचएम का आदेश 27 तक काम पर लौटें अन्यथा होंगे बर्खास्त

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी के जेपी अस्पताल प्रांगण में सोमवार को 36 दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने संविदा की अर्थी निकाल कर अपना विरोध दर्ज किया. नियमितीकरण और निष्कासित कर्मचारियों की बहाली जैसी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं.

प्रदेश में 19 फरवरी से उन्नीस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश के 51 जिलों में हड़ताल पर हैं. कर्मचारी प्रदेशभर में जिला स्तर पर अपने-अपने अनूठे तरीकों से विरोध दर्ज करा रहे हैं. 24 मार्च को राजधानी के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों और अधिकारियों को खून से खत लिखकर अपना विरोध जताया था.

वहीं दूसरी तरफ संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि एनएचएम ने पुन: एक पत्र जारी किया है जिसमें 12 मार्च की तरह ही 27 मार्च तक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है. यदि 27 मार्च तक कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन नहीं करते हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जायेगा.

चौहान ने कहा कि ये आर-पार की लड़ाई है. जब तक मांगें पूरी नहीं की जायेंगी तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर दिखाई दे रहा है, जिसके चलते मरीजों और मरीजों के परिजनों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मेरे पिता रामजी दुबे काफी समय से क्षय रोग से पीडि़त हैं और उनके इलाज के लिये जेपी अस्पताल से दवायें मिलती थीं पर करीब एक महीने से ज्यादा समय से हड़ताल के चलते दवा नहीं मिल पा रही है. मेरे पिता के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है.
राजेश दुबे, भोपाल

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