19a16भोपाल,19 अप्रैल.आज परिवार टूट रहे हैं, व्यक्ति टूट रहा है, अवसाद महामारी के रूप में फैल रहा है . इसकी कोई चिकित्सा है तो वो है जीवन मूल्यों को वापस लौटाना.जब तक संस्कृति नहीं आयेगी, जीवन मूल्य नहीं आयेंगे.संवेदना में सारे जीवन मूल्य परिभाषित है.

अखिल विश्व गायत्री परिवार के निदेशक डॉ. प्रणव पण्ड्या ने यह बात आज यहाँ मूल्य आधारित जीवन पर अन्तर्राष्ट्रीय परिसंवाद के समापन सत्र में कही. सत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे. परिसंवाद का आयोजन संस्कृति विभाग, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा किया गया था.

Related Posts: