makenनयी दिल्ली 29 जून. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने उपराज्यपाल नजीब जंग से अनुरोध किया है कि जब तक दिल्ली उच्च न्यायालय दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर फैसला नहीं देता उस समय तक इनकी नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी जाये.

श्री माकन ने आज यहां पार्टी की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उच्च नैतिकता की बात करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी को एकजुट बनाये रखने के लिए इतनी बड़ी संख्या में संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है जो पूरी तरह से गैर कानूनी है.

केजरीवाल सरकार ने इस संबंध में 24 जून को विधानसभा में एक विधेयक पास किया है जिससे की 21 आप विधायकों को संसदीय सचिव के रूप में नियमित किया जा सके जबकि यह मामला पहले से ही दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर वर्ष 2006 में लाभ के पद का आरोप लगा था. उस समय श्रीमती गांधी ने संसद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ा था और फिर विजयी होकर संसद में आई थी. आप के नियुक्त सभी 21 संसदीय सचिवों से इस्तीफे की मांग करते हुए श्री माकन ने कहा कि इनमें नैतिकता बची है तो वह इस्तीफा दें और दुबारा चुनाव लड़े. संसदीय सचिवों की नियुक्ति के संबंध में श्री माकन ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश का भी उल्लेख किया जिसमें इस प्रकार की नियुक्तियों को गलत ठहराया गया था. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने वाले श्री केजरीवाल को सत्ता में आये साढ़े चार माह के करीब हो गये है .

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