parliamentनयी दिल्ली,  दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग, नेशनल हेराल्ड मुद्दे तथा अरुणाचल प्रदेश में राज्यपाल की भूमिका को लेकर कांग्रेस के हंगामे के कारण बाधित रहा संसद का शीतकालीन सत्र आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक एक बार फिर लटक गया।

26 नवंबर से शुरू हुये इस सत्र के दौरान हंगामे के कारण राज्यसभा में 47 से अधिक घंटे बर्बाद हो गये और लगातार दस दिन सदन में कोई कामकाज नहीं हो पाया। लोकसभा में करीब नौ घंटे बर्बाद हुए लेकिन इनकी पूर्ति के लिए सदन ने 17 घंटे अतिरिक्त कामकाज किया।

राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी तथा लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन दोनों ने ही सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करते समय हंगामे की वजह से सत्र में काफी समय बर्बाद होने का उल्लेख किया और उम्मीद जतायी कि आगामी सत्रों में सार्थक और रचनात्मक चर्चा तथा अधिक से अधिक विधायी कार्य होगा।

सत्र के शुरुआती दो दिन दोनों सदनों में बाबा साहेब भीमराव अबंडेकर की 125वीं जयंती को उपलक्ष्य में संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जताने के लिए विशेष बैठकें हुयी और संविधान के सिद्धांतों और आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के लिए संकल्प पारित किया गया। देश की अर्थव्यवस्था के लिये महत्वपूर्ण माना जा रहा जीएसटी विधेयक मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के रवैये के कारण इस बार भी राज्य सभा में चर्चा के लिये नहीं लाया जा सका और व्हिसल ब्लोअर विधेयक भी पारित नहीं हो सका।

सदन ने भ्रष्टाचार निवारण से जुडा विधेयक प्रवर समिति को भेज दिया। इस सत्र में राज्यसभा ने कुल नौ विधेयक पारित किये। इस सत्र में लोकसभा की कुल 20 बैठकें हुई और 117 घंटे कामकाज हुआ। इस दौरान 14 विधेयक पारित किये गये और नौ विधेयक पेश किये गये। संपादक शेष पूर्व प्रेषित से यथायोग्य जोड़ लें।