parliamentनयी दिल्ली,  नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार को संसद के भीतर और बाहर लगातार घेरने में लगे विपक्षी दलों ने नोटबंदी की घोषणा का एक महीना पूरा होने पर आज ‘काला दिवस’ मनाया और संसद भवन परिसर में काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन किया।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, वाम दलों, जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक तथा कुछ अन्य दलों के सांसद दोनों सदनों की कार्यवाही शुरु होने से काफी पहले काली पट्टियां बांधकर संसद परिसर में पहुंचे और गांधी जी की प्रतिमा के पास एकत्र होकर नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ सांसद नोटबंदी के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर भी लिए हुये थे।

प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे, गुलाम नबी आजाद तथा आनंद शर्मा, तृणमूल के सुदीप बंधोपाध्याय, सपा के रामगोपाल यादव, माकपा के सीताराम येचुरी, जदयू के शरद यादव, राजद के जयप्रकाश यादव आदि सांसद शामिल थे। विपक्षी दलों का अारोप है कि सरकार ने नोटबंदी का कदम बिना सोचे समझे उठाया है और इससे देश को नुकसान हो रहा है।

किसानों, मजदूरों और गरीबों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और व्यापार ठप हो गया है। नोटबंदी पर चर्चा को लेकर संसद में शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही गतिरोध बना हुआ है और कोई कामकाज नहीं हो पा रहा है। विपक्षी दल लोकसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर मतदान के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार बिना मतदान वाले नियम के तहत चर्चा कराना चाहती है।

राज्यसभा में विपक्षी दलों की मांग है कि चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मौजूद रहे तथा उसका जवाब दें और संसद के बाहर विपक्षी दलों पर की गयी टिप्पणी के लिए माफी मांगे।

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