प्रदेश भर से शामिल हुए 9 लाख 47 हजार बच्चे

नवभारत न्यूज भोपाल,

दसवी बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो गई. छात्रों ने पहली परीक्षा संस्कृत विषय की दी, छात्रों के चेहरे पर पहली मर्तबा बोर्ड की परीक्षा देने की खुशी साफ-साफ झलक रही थी. परीक्षा सुबह 9 बजे से 12 बजे तक चली, जिसके लिए छात्रों को 15 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला.

प्रदेश में लगभग 9 लाख 47 हजार बच्चों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया. राजधानी में परीक्षार्थीयों की संख्या लगभग 50 हजार के आसपास रही. संस्कृत की परीक्षा बच्चों के लिए बहुत सरल मानी जाती है, परीक्षा के 25 नंबर के वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर में अधिकतर छात्रों के अधिकतर विकल्प सही थे,परीक्षाकेंद्र से निकलने के बाद पेपर अच्छा जाने की खुशी छात्रों के चेहरे पर साफ देखी जा रही थी.

इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नकल करते हुए पकड़े जाने पर 3 साल सजा का प्राबधान किया है. नकल प्रकरण के लिए तीन साल की सजा रखने वाला मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, ऐसी सजा सबसे पहले बिहार राज्य में शुरु हुई थी, पर वहां यह सजा बंद कर दी गई है.

गर्मी र्में पानी की विशेष व्यवस्था : दसवी की यह परीक्षा 5 मार्च से चालू होकर 31 मार्च तक चलेगी.जिसके लिए प्रदेश में 3893 परीक्षा केंद्र बनाए गए है, जिसमें राजधानी में सत्रह संवेदनशील केंद्र और चार अतिसंवेदनशील केंद्र बनाएं है, जिनमें परीक्षा के दौरान बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश बंद रहा, दूरदराज के क्षेत्रोंं से बच्चों के जो अभिभावक बच्चों को परीक्षा दिलाने लाए थे, उन्हे भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, मार्च में गर्मी के समय पेपर दे रहे अभ्यार्थियों के पीने की पानी की व्यवस्था भी शहर के सभी परीक्षाकेद्रों पर की गई थी, जो कि 15 से 20 मिनट के अंतराल में छात्रों को पानी की बोतले लेकर आ रहे थे. प्रत्येक स्कूल में फॉस्टटेड बॉक्स की व्यवस्था भी की गई है.

डायबीटिज छात्र परीक्षा में लेकर गए खाना: सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 5 मार्च से प्रारंभ हो गई. 10वी और 12वीं दोनों बोर्ड एग्जाम एक ही दिन यानी सोमवार से शुरू हो गयी. दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं 4 अप्रैल तक चलेंगी जबकि 12वीं की परीक्षाएं 12 अप्रैल तक चलेंगी. पहले दिन पांच मार्च को 12वीं के बोर्ड में इंग्लिश कोर, इंगलिश इलेक्टिव-एन और इंग्लिश इलेक्टिव-सी की परीक्षा संपन्न हुई. जबकि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में पांच मार्च को वैकल्पिक विषयों की परीक्षा छात्रों ने दी.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की इन परीक्षाओं में देशभर से 28 लाख, 24 हजार, 734 परीक्षार्थी शामिल हुए. बोर्ड ने डायबीटिज से ग्रस्त परीक्षार्थियों के प्रति उदारता दिखायी है, दरअसल डायबीटिज के मरीज को हर 2 घंटे में खाना खाता होता है, बोर्ड की परीक्षा में शामिल छात्रों में कई छात्र इस बीमारी के कारण कुछ समय अंतराल में भूख लगने के कारण खाना खाने को मजबूर होते है, इसीलिए बोर्ड नेे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर अपने साथ खाद्य सामग्री ले जाने की अनुमति दी है.

सीबीएसई बोर्ड 10 रीजन में विभक्त है. इसमें भोपाल सहित मध्यप्रदेश अजमेर रीजन में आता है. इस साल अजमेर रीजन में दसवीं की परीक्षा में 1 लाख, 81 हजार, 187 और बारहवीं की परीक्षा में 71,442 शामिल हुए है.

जूते मोजे उतारकर परीक्षा में हुए शामिल

परीक्षा के 15 मिनट पहले छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया. पहली मर्तबा बोर्ड की परीक्षा देने शामिल हुए छात्र- छात्राओं की परीक्षा नियंत्रक की निगरानी में चैकिंग से गुजरकर परीक्षा में शामिल हुए. नकल रोक ने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के बाहर छात्रों के जूते मोजे उतरवा लिए गए, जो छात्र स्लीपर चप्पल पहनकर परीक्षा में शामिल होने आए थे, उनको भी नंगे पांव ही कक्षाओं में प्रवेश दिया गया.

कक्षाओं में फर्जी छात्र प्रवेश न करस सके इसी उद्देश्य से बार-बार अभ्यार्थी के अनुक्रमाकं को देखकर उससे पूछताछ की जा रही थी. परीक्षा केंद्र के बाहर नकल पेटी रखी गई थी, जिसमें पाठ्यसामग्री या नकल का पर्चा ड़ालने का अनुरोध प्रवेश के साथ ही छात्रों से किया जा रहा था.

नकल प्रकरण पर सजा का प्राबधान

इस बार शासन ने नकल पर कसेल के लिए कड़ी सजा की व्यवस्था की है, परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए छात्र को शिनाख्त कर नजदीकी थाने में सूचना करने का आदेश माशिम द्वारा जारी किया गया है.

शासन ने नकल करने पर तीन साल तक की सजा का प्राबधान किया है, यह नियम का पालन कराने वाला मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है. इसके पहले सजा को लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य था, पर वहां यह सजा बंद कर दी गई है. छात्रों के पास इलेक्टांनिक उपकरण मोबाईल, पेजर पाएं जाने पर भी कड़े दण्ड की व्यवस्था की गई थी, मोबाईल स्वीच ऑफ अवस्था में भी नकल मानने को परीक्षा नियंत्रकों को कहा गया है.

11 परीक्षा केंद्रों में 4600 विद्यार्थी हुए शामिल

बैरसिया. विकास खंड में सोमवार को 11 स्कूलों में बने बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर हाई स्कूल की 10 वीं क्लास का संस्कृत भाषा का पेपर सुबह 9 बजे से 12 बजे तक सम्पन हुआ. प्राप्त जानकारी अनुसार 10वीं के संस्कृत के पेपर में सभी 11 परीक्षा केंद्रों पर करीब 4600 छात्र छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा के पहले दिन नकल प्रकरण सामने नहीं आया.

नजीराबाद एवं ललरिया स्कूलों के परीक्षा केंद्रों पर नकल होने की खबरें जरूर सामने आई हैं. गौरतलब है कि बैरसिया विकास खंड में नजीराबाद केंद्र, ललरिया केंद्र, नकल के मामले में पहले से ही अति संवेदनशील की सूची में शामिल हैं. बबचिया केंद्र, जमूसर परीक्षा केंद्रों पर भी खुल कर नकल होने की बात सामने आ रही है.

ध्यान हो कि एक मार्च से शुरू हुई माशिमं बोर्ड हायर सेकेंडरी एवं 5 मार्च से हाई स्कूल की परीक्षाए शुरू है.लेकिन केंद्रों पर नकल रोकने के लिए बनाएं गए उडऩ दस्ते के दल परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच सके.

पहला पेपर सरल रहा, अच्छे से हल हूं, पेपर के लिए घंटो पढ़ाई कर रहे है, सेल्फ स्टडी के साथ साथ गुर्प स्टडी को तवज्जों दे रहे है, जिस कारण पहला पेपर सरलता से हो गया.
-अजितेश राठौड़, परीक्षार्थी

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