sachinनई दिल्ली,  भारतीय क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर ने आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ के लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में जगह बनाने पर शुक्रवार को खुशी जाहिर करते हुये अपने प्रशंसकों का धन्यवाद दिया.

सचिन की आत्मकथा ‘प्लेइंट इट माई वे’ ने कीर्तिमान स्थापित किया है और यह फिक्शन और नॉन-फिक्शन श्रेणी में सबसे ज्यादा बिकने वाली पेपरबैक किताब बन गई है. हैचेट इंडिया की ओर से प्रकाशित इस किताब को छह नवंबर, 2014 को जारी किया गया था. इसने फिक्शन और नॉन-फिक्शन श्रेणी के वयस्क वर्ग के पेपरबैक में सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं जिसकी 1,50,289 प्रतियां ‘ऑर्डर सब्सक्रिप्शंस’ से बिकी हैं.

रिकार्डों के बादशाह सचिन ने ट्विटर पर कहा, प्लेइंग इट माई वे के प्रति आपकी दिलचस्पी से अभिभूत हूं. मेरी क्रिकेट यात्रा को पढऩे में आपने जो रुचि दिखायी, उसके लिये शुक्रिया. सचिन की आत्मकथा के सह लेखक बोरिया मजूमदार हैं. इस किताब ने खुदरा मूल्य के मामले में भी रिकॉर्ड बनाया है जिसकी कीमत 899 रुपए थी.

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