22as4मानसून ने आखिरकार सोमवार दोपहर में राजधानी में दस्तक दे दी. पहले ही दिन राजधानी में मूसलधार वर्षा हुई. जिससे शहर की सड़कों, घरों, नालों और नालियों में पानी लबालब भर गया. घरों में पानी भरने से लोग खासे परेशान रहे और पानी निकालने के इंतजाम करते देखे गए.

सड़कों पर कहीं-कहीं इतना अधिक पानी था कि वह दिखाई ही नहीं दे रही थी. कई जगह पेड़ गिरे, तो कहीं दीवार भी गिर गई. हालांकि सुबह से तेज धूप व उमस थी लेकिन दोपहर बाद काली घटा के छाते ही जोरदार बारिश शुरु हो गई. इस दौरान शाम 5.30 बजे तक 9.22 सेमी बारिश दर्ज की गई. इससे पहले 1986 में जून में एक दिन में 15.5 सेमी बारिश हुई थी.

इनका कहना है
मानसून की उत्तरी सीमा भोपाल, रतलाम, सीहोर व रायसेन से होती हुई तेंदूखेड़ा, जबलपुर, डिंडोरी व अनूपपुर तक पहुंच गई है. मानसून तीन- चार दिन में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा.
डॉ अनुपम काश्यपि
निदेशक मौसम केंद्र

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