राज्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रभावी कार्यवाही की जा रही है. सन् 2016 की तुलना में सन् 2017 में सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आयी है.

राज्य में ट्राफिक पुलिस को 650 जवान दिये गये हैं और इन्हें जिलों में पदस्थ किया जा रहा है. अब तक 38 जिलों में ट्रामा सेंटर की स्थापना कर दी गयी और 11 जिलों में इनका काम प्रग
पर है.

ट्राफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लगभग 8 लाख वाहनों का चालान किया जा चुका है. अब सहायक उप पुलिस निरीक्षक को भी वाहनों का चालान करने का अधिकार दिया जा रहा है. जिन वाहन चालकों द्वारा तीन बार से ज्यादा एक्सीडेंट होगा उनका लाइसेंस रद्द करने के लिये कानूनी प्रावधान किये जा रहे हैं.

अब तक करीब 3 हजार लोगों के लाइसेंस निलंबित किये जा चुके है. सुप्रीम कोर्ट का यह भी निर्देश है कि क्षेत्र के सांसदों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां बनायी जाए इन पर भी कार्यवाही हो रही है.

Related Posts: