खतरे से खाली नहीं पर्यावास भवन मार्ग

नवभारत न्यूज भोपाल,

पर्यावास भवन मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है. सड़क के आधे हिस्से पर फेरीवाले, ठेले और गुमठियां संचालित हो रही हैं, जिससे वाहन चालकों को यहां से गाड़ी निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.गौर करने वाली बात यह है कि यह सड़क सरकारी दफ्तरों की पनाह में है.

यहां बीएसएनएल, डाक, जीएसटी, पर्यावास एवं निर्वाचन आयोग के कार्यालय हैं. ऑफिस के लंच होने पर यहां जाम की स्थिति बन जाती है. हाथ ठेलों से खरीदारी करने लोग रोड पर ही गाड़ी खड़ी कर देते हैं, जिससे दूसरे लोगों को गाड़ी चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

यह मार्ग होशंगाबाद रोड पर जाकर मिलता है, जिससे यहां वाहन की आवाजाही अधिक होती है. रोजाना यहां गाडिय़ों में आपसी भिड़ंत होना आम बात है. इससे वाहन चालक पैदल नागरिक चोटिल हो जाते हैं. यह बड़ी सड़क अतिक्रमण के कारण संकरी गलीनुमा हो गई है.

हो सकता है बड़ा हादसा

सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही आम है. यहां पर ऑफिस टाइङ्क्षमग पर वाहन रेंगते हुये नजर आते हैं. फलों, सब्जियों, नाश्ते व डेली रूटीन के सामान के ठेलों से सड़क अटी पड़ी है. लंच टाइम पर जब कर्मचारी यहां खरीदारी करते हैं तो सड़क लोगों की भीड़ से भर जाती है.

जहां रोड पार करते या वाहनों की आवाजाही में राहगीर चोटिल हो जाते हैं. भारी वाहन का संतुलन बिगड़ता है तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है. हमीदिया हॉस्पिटल परिसर में बस संचालक के संतुलन खोने पर बस के नीचे आने से बेगुनाह कालकवलित हो गये.

क्योंकि पर्यावास भवन स्थित यह सड़क ढलान पर है और अतिक्रमण के कारण संकरी हो गई है. यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ता है तो यहां भी बड़ा हादसा होने की संभावना है. यहां राहगीरों के लिये फुटपाथ भी नहीं है. प्रशासन का ढीला रवैया बड़े हादसों को निमंत्रण दे रहा है.

अतिक्रमण को हटाने के लिये नगर निगम प्रतिबद्ध है. प्रशासन द्वारा फेरीवालों को समझाईश दी जा चुकी है. अतिक्रमण हटाओ अमला शहर में अपना कार्य कर रहा है. इस मार्ग को भी अतिक्रमण मुक्त करने के लिये प्रशासन काम करेगा.
कृष्ण मोहन सोनी
एमआईसी मेम्बर

यहां पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों व ठेला चालकों के कारण यहां से गाड़ी निकालना मुश्किल हो गयी है. यहां पर डेली वाहन संतुलन खोकर दूसरे वाहनों से टकरा जाते हैं.
सुनील साहू राहगीर

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