Supreme-Courtनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के खिलाफ दायर याचिका वापस लेने की अनुमति देने से फिलहाल इन्कार करते हुए इसकी सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख मुकर्रर की है।

रोक के खिलाफ याचिका दायर करने वाले नौशाद अहमद खान ने आज शीर्ष अदालत को अवगत कराया कि याचिका दायर करने की वजह से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, इसलिए वह अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं, लेकिन न्यायालय ने याचिका वापस लेने की अनुमति फिलहाल नहीं दी।

इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री खान ने कहा कि उन्हें कम से कम ५०० फोन कॉल करके जान से मारने की धमकी दी गई है। इसलिए वह याचिका वापस लेना चाहते हैं। इस पर न्यायालय ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता याचिका वापस ले भी लेता है तो वह इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त करेगा और इस मामले की कानूनी समीक्षा करेगा।

न्यायालय ने कहा कि वह इस पर सोमवार को सुनवाई करेगा। श्री खान उन दो वकीलों में शामिल हैं जिन्होंने २००६ में इस मामले में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। गत सोमवार को भी शीर्ष अदालत ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक पर सवालिया निशान खड़े किये थे।

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