dhoniपुणे,  भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के हाथों पहले ट्वेंटी-20 मुकाबले में मिली हार के बावजूद मैच में सभी खिलाडिय़ों को मौका देने की बात को सही करार दिया.

ऑस्ट्रेलिया को ट्वेंटी-20 सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद अपनी धरती पर पहला मुकाबला खेलने उतरी भारतीय टीम को पहले मैच में श्रीलंका के खिलाफ पांच विकेट की करारी शिकस्त झेलना पड़ी. भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवर में 101 रन बनाकर ऑलआउट हो गई जिसके जवाब में श्रीलंका ने 12 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. कप्तान धोनी ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ट्वेंटी-20 फार्मेट में ऐसा कम होता है कि टीम के सभी विकेट गिर जायें लेकिन हमारी टीम ऑलआउट हुयी.

मुझे नहीं लगता कि मैच में सभी खिलाडिय़ों को मौका देना गलत फैसला था क्योंकि इससे टीम की बल्लेबाजी क्षमता का पता चलता है. 34 वर्षीय धोनी ने कहा कि यदि टीम का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम बेहतरीन प्रदर्शन करना शुरू कर देता है तो निचले क्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन के बारे में पता नहीं चल सकेगा और उन्हें मौका भी नहीं मिलेगा. ट्वेंटी-20 विश्वकप से पहले सभी को मौका मिलना चाहिये ताकि टीम की बल्लेबाजी क्षमता के बारे में पता चल सके.

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