prezकोलकाता,  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि दुनिया के सभी धर्म मानवता के मूलभूत सिद्धातों की शिक्षा देते हैं।

श्री मुखर्जी ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्म इसी लिए फले-फूले क्योंकि उनमें एकसार होने के गुण थे। विभिन्न धर्मों और आस्थाओं वाले लोग यहां सौहार्द के साथ रहते आए हैं। अनेक धर्मों के बीच बेहतरीन ताल मेल ही हमारे देश को शांतिपूर्ण सह अस्तित्व और साम्प्रदायिक सौहार्द का नख्लिस्तान बनाता है।

श्री मुखर्जी ने‘डाइओसिस ऑफ कलकत्ता’के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह वह जगह है जहां ईसाई समुदाय के लोगों को उनके शांत और मानवतावादी स्वभाव के साथ ही राष्ट्र निर्माण में योगदान के कारण आदर दिया जाता है। उन्होंने कहा,“हमारा सामाजिक ताना बाना तभी मजबूत रह सकता है जब देश का प्रत्येक नागरिक चाहे वह किसी भी जाति,संप्रदाय,भाषा और क्षेत्र का हो भयमुक्त और पूर्वाग्रह के बिना यहां रह कर देश की तरक्की में भागीदार बने।”

राष्ट्रपति ने इस संस्थान द्वारा सामाज के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इसने अपने कार्यों के जरिए लोगों के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और उस मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया है।

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